Friday , 16 April 2021

बच्चों को सुंदर जीवन हेतु धार्मिक संस्कार देना जरूरी : विपिन बिहारी

सागर . आज पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में संपूर्ण विश्व की संस्कृतियों प्रभावित हो रही हैं भारतीय आर्यावर्त की गुरुतर संस्कृति पर आतताइयों ने काफी हमला कर उसे नष्ट करना चाहा किंतु हमारे बुजुर्गों ने जर्मनी सहित कई जगह उसे संरक्षित किया यह उदगार पांचवें दिन की राम कथा
मेनपानी में कथा व्यास पंडित विपिन बिहारी साथी ने व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को तो सभी प्राणी जन्म देते हैं किंतु सनातन धर्मावलंबियों को चाहिए कि उनका सुंदर जीवन बनाने हेतु उन्हें भजन इत्यादि के धार्मिक संस्कार अवश्य देवें और सभी मनुष्यों को चाहिए कि जब जहां जैसा समय मिले मन ही मन राम नाम और अपने इष्टदेव का नाम बार-बार भजते रहें इससे सभी में विशेष आध्यात्मिक और अलौकिक सकारात्मक ऊर्जा का संचरण होता रहेगा जिससे प्रारब्ध सहित वर्तमान जीवन की समस्याओं के निराकरण की शक्ति प्राप्त होती रहेगी और जीवन सुंदर वा निष्कंटक बनेगा.

साथी जी ने विस्तारपूर्वक मिथिला नगरी -जनकपुरी प्रवास- वैदेही वाटिका में फूल चुनने और राम -जानकी विवाह तथा राम -लक्ष्मण- परशुराम संवाद बताया.इस अवसर पर प्रख्यात कथावाचक अतुल प्रेमजी महाराज और एड. दीपक पौराणिक सहित काफी विशिष्ट जन और बड़ी तादाद में सनातन धर्मप्रेमी जनता जनार्दन ने राम-लक्ष्मण-भरत-शत्रुघ्न का विवाह-बारात उल्लास एवं सामारोह पूर्वक मनाया.

Please share this news