Thursday , 3 December 2020

भरतपुर में अवैध शराब के खिलाफ चौथे दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी ​​​

भरतपुर . भरतपुर के कामां तहसील के गांव सुनहरा में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है. अवैध शराब के खिलाफ कार्यवाही और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों का चौथे ‎दिन भी पंचायत मुख्यालय पर धरना जारी है. साथ ही लगातार अपनी मुआवजें की मांग पर अड़े हुए हैं. ग्रामीणों व पीड़ित परिवारों ने कहा कि ग्राम सुनहरा में अभी भी अवैध रूप से देसी शराब का ठेका संचालित हो रहा है. ठेकेदार का लाइसेंस शुदा ठेका गांव धिलावटी में संचालित होता है, लेकिन गोदाम बनाने के नाम पर गांव सुनहरा में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है. इस घटना के बाद अब ग्रामीण यहां पुलिस (Police) व प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है ‎कि प्रशासन मिलीभगत के चलते सुनहरा मे संचालित हो रहे शराब के ठेके को धिलावटी में संचालित हो रहे लाइसेंसी ठेके का गोदाम बताया जा रहा है,जबकि शराब बिक्री केंद्र पर बड़े बड़े अक्षरों में ठेका देसी शराब का बोर्ड लगा हुआ है और धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है. नियमानुसार लाइसेंसी ठेके की सीमा क्षेत्र के एक किलोमीटर दायरे में ही गोदाम स्थापित किया जा सकता है लेकिन यह ठेका लाइसेंसी ठेके से 5 किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह गोदाम है तो फिर शराब बिक्री क्यों हो रही है.

बता दें ‎कि कामा के गांव सुनहरा में जहरीली शराब पीने से सोहनसिंह, राम, सतीश ठाकुर व थानसिंह भाट और हुकम सिंह जाटव की मौत हो चुकी है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरसाना थाना के गांव ऊंचा गांव निवासी सतीश गुर्जर और राजू जाटव और बरसाना के संजय जाटव की भी मौत सुनहरा गांव में संचालित हो रहे शराब के ठेके से खरीदी गई जहरीली शराब पीने से हो चुकी है. ग्रामीणों ने कहा कि ठेके पर बिक्री होने वाली जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों का सिलसिला रोजाना बढ़ता ही जा रहा है. आधा दर्जन लोगों की मौत के बाद भी अभी तक उचित कार्यवाही नहीं हुई है.