Friday , 16 April 2021

बेटी के अपहरण की रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंची महिला को विकास दुबे ने दी थी जान से मारने की धमकी

कानपुर (Kanpur) . एक समय यूपी के मोस्ट वांटेड और कानपुर (Kanpur) में आठ पुलिस (Police)कर्मियों की हत्या (Murder) के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे ने मजबूरों का किस हद तक सताया है, इसी का एक मामला बिल्हौर एसडीएम के सामने पहुंचा. एक महिला की नाबालिग बेटी एक साल पहले लापता हो गई थी. महिला ने अपहर्ता के नाम रिपोर्ट लिखाने पुलिस (Police) के पास पहुंची तो विकास दुबे ने उसे जान से मारने की धमकी दे दी.

महिला इतनी लाचार हो गई कि उसने दोबारा एफआईआर (First Information Report) कराने का प्रयास नहीं किया. पति की जमीन पर बेटी का नाम दर्ज कराने के लिए वह लगातार प्रयास करती रही है. वह कार्य भी अब तक नहीं हो सका है. मदारी पुरवा गांव बिल्हौर निवासी महिला के पति की मौत सन 2016 में हो गई थी. उसके बाद जमीन पर वरासत दर्ज कराने के लिए महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के नाम से तहसील बिल्हौर में अर्जी दी. फाइल चलना शुरू हुई और उसमें मां व बेटी के बयान भी दर्ज हो गए थे. सिर्फ संबंधित लेखपाल का बयान दर्ज होना बाकी था. इसी बीच 19 दिसम्बर 2019 को एक दिन उनकी नाबालिग पुत्री शौच के लिए निकली और लापता हो गई.

महिला ने उसे बहुत खोजने का प्रयास किया मगर बेटी का कुछ पता नहीं चला. महिला ने गांव की एक महिला और पुरुष के विरुद्ध बेटी का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर (First Information Report) लिखाने के लिए आवेदन किया. रिपोर्ट दर्ज हो पाती उससे पहले ही विकास दुबे ने उसे जान से मारने की धमकी दे दी. पुलिस (Police) ने इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की और अब तक उनकी बेटी का नाम वरासत में नहीं चढ़ सका है. डीएम ने मामले में एसडीएम को जांच के आदेश देने के साथ ही कार्रवाई के लिए कहा है.

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