नई दिल्ली, 29 मार्च . दिल्ली विधानसभा में 2082 नव संवत्सर के अवसर पर होने वाली चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की भव्य शुभारंभ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इसी कड़ी में रविवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सुरक्षा उपायों, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई.
इस बैठक में दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. विधानसभा के ऐतिहासिक भवन में 1,500 से अधिक विशिष्ट अतिथियों के आगमन की संभावना है, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा के सांसद और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति शामिल होंगे.
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सभी संबंधित विभागों को अपने कार्यों को सामंजस्यपूर्ण और कुशलता से संपन्न करने के निर्देश दिए. उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात की, ताकि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त उप पुलिस आयुक्त (उत्तर), एसीपी ट्रैफिक, दिल्ली सशस्त्र पुलिस के एसीपी और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत योजना प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि दिल्ली विधानसभा परिसर के आसपास यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है.
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त पानी की सुविधा उपलब्ध हो. साथ ही, विधानसभा भवन को विशेष सजावट से सजाया जाएगा, जिसमें फूलों की सजावट प्रमुख रूप से शामिल होगी. साथ ही, पूरे विधानसभा परिसर को रोशन किया जाएगा और दो बड़े गुब्बारे भी लगाए जाएंगे ताकि उत्सव का माहौल और भी भव्य हो.
कार्यक्रम की सफलता के लिए कैट्स, फायर डिपार्टमेंट, बागवानी विभाग और अन्य प्रशासनिक इकाइयों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक के बाद, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पुलिस और कार्यक्रम से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण किया.
दिल्ली विधानसभा सचिवालय इस आयोजन को पूरी तरह से व्यवस्थित और भव्य तरीके से संपन्न करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर कोई भी कसर न छोड़ी जाए.
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पीएसके/एबीएम