
तिरुवनंतपुरम, 7 अप्रैल . भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ कथित “गुप्त मुलाकातों” का आरोप लगाते हुए एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने Tuesday को केरल के Chief Minister पिनाराई विजयन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने एक खुला पत्र जारी किया, जिसमें विधानसभा चुनावों से पहले कथित पर्दे के पीछे के सौदों और शासन से जुड़े मुद्दों पर दस सवाल उठाए गए. केरल में Thursday को 140 नए विधायकों का चुनाव होना है.
अपने आरोपों की शुरुआत करते हुए वेणुगोपाल ने विजयन की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली स्थित उनके निवास पर हुई निजी मुलाकात पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि यह मुलाकात बिना किसी अधिकारी की मौजूदगी में हुई. इसके अलावा, उन्होंने केरल हाउस में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए Chief Minister द्वारा आयोजित नाश्ते की बैठक का भी ज़िक्र किया, जो फिर से अधिकारियों की गैर-मौजूदगी में हुई.
वेणुगोपाल ने यह भी पूछा कि क्या विजयन ने दिल्ली के बाहर Union Minister नितिन गडकरी के साथ कोई बैठक की थी और क्या इस तरह की बातचीत भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के साथ किसी अघोषित समझौते का हिस्सा थी.
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह पत्र एलडीएफ शासन के एक दशक के बाद जनता की चिंताओं का प्रतिबिंब है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये मुलाकातें गुप्त Political समझौते की ओर इशारा करती हैं, जबकि Chief Minister सार्वजनिक रूप से केंद्र का विरोध करते दिखते हैं.
वेणुगोपाल ने राज्य Government के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें एलडीएफ के प्रमुख सहयोगी दल सीपीआई की कड़ी आपत्तियों के बावजूद पीएम श्री योजना को आगे बढ़ाया गया. उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ कथित समझौते के दौरान Chief Minister ने अपने गठबंधन सहयोगियों को अंधेरे में रखा, जिससे सत्ताधारी मोर्चे में पारदर्शिता को लेकर चिंता बढ़ी.
श्रम सुधारों के मामले में, वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि Government ने सहयोगियों से परामर्श किए बिना चुपचाप केंद्रीय श्रम संहिताओं को लागू किया और ट्रेड यूनियन पंजीकरण शुल्क में भी भारी वृद्धि की. उन्होंने पूछा कि क्या ये फैसले वामपंथ की ‘मज़दूर-समर्थक’ विचारधारा में बदलाव का संकेत हैं.
इस पत्र में संवेदनशील कानूनी और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को भी फिर से उठाया गया है. वेणुगोपाल ने Chief Minister पिनाराई विजयन से जुड़े एसएनसी लावालिन मामले में बार-बार सुनवाई टलने की ओर इशारा किया और इसमें संभावित Political दखल होने का सवाल उठाया. इसके अलावा, उन्होंने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस
मामले में जांच में कथित देरी और Chief Minister के बेटे के खिलाफ Enforcement Directorate (ईडी) की कार्रवाई की स्थिति को लेकर भी सवाल किए.
एक और Political रूप से महत्वपूर्ण आरोप में, वेणुगोपाल ने एडीजीपी एम.आर. अजित कुमार को लगातार मिल रही सुरक्षा पर सवाल उठाया. उनके खिलाफ यह आरोप भी लगाए गए हैं कि वे आरएसएस नेताओं से जुड़े हुए हैं और त्रिस्सूर पूरम विवाद में कथित संलिप्तता रखते हैं.
वेणुगोपाल ने राज्य की राजधानी में आध्यात्मिक गुरु ‘श्री एम’ की मध्यस्थता से Chief Minister विजयन और भाजपा नेताओं के बीच हुई कथित मुलाकात का विवरण भी मांगा.
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पीएम