Thursday , 25 February 2021

उड़द की दाल ताउम्र बनाए रखती है जवान

-बॉडी में आयरन की कमी को करती है दूर

नई दिल्ली (New Delhi) . उड़द की दाल हमारे हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. यह गर्भवती महिलाओं के लिए एक हेल्थ पैकेज की तरह काम करती है. फाइबर से भरपूर उड़द की दाल, घुलनशील और अघुलनशील, दोनों प्रकार के डाइजेशन को इम्प्रूव करने में फायदेमंद है. उड़द की दाल में मौजूद डाइटरी फाइबर इसमें मदद करता है. डायरिया, कब्ज, ऐंठन या सूजन की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए अपने खाने में उड़द की दाल को शामिल करें. इसके अलावा, उड़द की दाल बवासीर और कॉलिक डिसऑर्डर की समस्याओं को दूर करने और लिवर को मजबूत बनाने में भी असरदार है. उड़द की दाल में उच्च मात्रा में फाइबर, मैग्नीशियम और पोटेशियम होते हैं, जो हमारे हार्ट की हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद हैं. यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखता है और एथेरोस्क्लेरोसिस को रोकता है, जिससे हमारा कार्डियोवस्कुलर सिस्टम स्वस्थ रहता है. पोटेशियम शरीर के ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम को सुधारने के साथ-साथ आपकी धमनी की दीवारों में होने वाले किसी भी नुकसान को रोकने में मदद करता है.

उड़द की दाल में आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो आपके शरीर में एनर्जी के लेवल को बढ़ाने में मदद करता है और आपको एक्टिव रखता है. आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के बनने में मदद करता है, जो आपके शरीर के सभी अंगों में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जिम्मेदार है. जिन गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है, उनके लिए आयरन से भरपूर उड़द की दाल का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है. नियमित रूप से उड़द की दाल का सेवन करने से बॉडी में आयरन के साथ-साथ एनर्जी भी बनी रहती है. उड़द की दाल में मैग्नीशियम, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स होते हैं, जो हड्डियों के मिनरल डेन्सिटी को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. नियमित रूप से उड़द की दाल का सेवन करने से आपको हड्डी से संबंधित समस्याओं को रोकने में मदद मिलेगी और आपकी हड्डियां भी सेहतमंद रहेगी. उड़द की दाल हमारे नर्वस स‍िस्टम को मजबूत करने के अलावा हमारे ब्रेन को हैल्दी बनाती है. नर्वस स‍िस्टम की कमजोरी, लकवा, चेहरे का लकवा समेत दूसरी और कई बीमार‍ियों को ठीक करने के लिए अलग-अलग आयुर्वेदिक दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है. फाइबर से भरपूर उड़द की दाल आपके शुगर और ग्लूकोज के लेवल को बनाए रखने में मदद करती है, जिससे आपकी डायबिटीज कंट्रोल में रहती है. जोड़ों और मांसपेशियों में होनेवाले दर्द और सूजन से तुरंत राहत पाने के लिए उड़द की दाल का पेस्ट दर्द वालेी जगह पर लगाने से आराम मिलता है.

इसके अलावा यह किसी भी तरह की त्वचा की जलन को कम करने में, टैन और सनबर्न से छुटकारा दिलाने में भी मदद करती है. इसके अलावा उड़द दाल में उच्च मात्रा में विटामिन और खनिज होते हैं, जो आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करते हैं. उड़द की दाल आपके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में भी मदद करती है. बता दें ‎कि उड़द की दाल बेहद लजीज होने के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर होती है. इसे छिलके वाली काली दाल के रूप में भी जाना जाता है. उड़द की दाल का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है. इसका आयुर्वेदिक नाम ‘माशा’ है. उडद की दाल प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन बी, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर होती है.

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