Friday , 16 April 2021

निर्यात के क्षेत्र में यूपी ने हासिल की पांचवीं रैंकिंग

लखनऊ (Lucknow) . कोरोना (Corona virus) को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई थीं. जिसके चलते चालू वित्‍त वर्ष के शुरुआती आठ महीने यानि अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान देश और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के निर्यात कारोबार में भी गिरावट दर्ज की गई. परन्तु लॉकडाउन (Lockdown) से बाहर आने के बाद मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ द्वारा निर्यात कारोबार को बढ़ावा देने के बाबत लिए गए ठोस फैसलों के चलते अब फिर से यूपी का निर्यात कारोबार पटरी पर आने लगा है. यही नहीं उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) निर्यात के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाते हुए फिर से पांचवी रैंक पर पहुंच गया है.

कोरोना संकट के दौरान देश और प्रदेश के निर्यात में कमी आई. तो मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य में निर्यात कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित किया गया. जिसके चलते ही यूपी महाराष्ट्र, तमिलनाडु (Tamil Nadu), कर्नाटक (Karnataka), पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली, केरल (Kerala), मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू (Jammu) कश्मीर जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए निर्यात के मामले में देश में पांचवी रैंक पर आ गया. जानकारी के अनुसार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तहत निर्यातकों को बड़ी सहूलियतें देने का प्रयास हुआ. जिलों को निर्यात हब के रूप में विकसित करने की तैयारी भी शुरू की गई. इसका असर हुआ और राज्य में कोरोना (Corona virus) के दौरान ठप्प हो गए निर्यात कारोबार को गति मिली. देखते ही देखते कालीन अन्य टेक्सटाइल, फ्लोरकवरिंग, मीट, पीतल के सजावटी उत्पाद, खिलौने, स्पोट्र्स पाट्र्स और लकड़ी उत्पाद के निर्यात में तेजी आ गई. अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान इस सेक्‍टर के निर्यात में 15 फीसदी की बढ़ोतरी आई है. इसके अलावा चावल और लौह अयस्क तथा सूबे के ओडीओपी योजना के उत्पादों का निर्यात भी अब बढ़ा हैं. निर्यात कारोबार से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है, प्रदेश सरकार की नीतियों से अगले तीन महीनों में वर्ष 2019 में हुए निर्यात के बराबर ही निर्यात होने लगेगा.

Please share this news