Saturday , 15 May 2021

नफरत की राजनीति का केंद्र बना यूपी, 104 नौकरशाहों ने सीएम योगी को लिखा पत्र

लखनऊ (Lucknow) . 100 से ज्यादा पूर्व नौकरशाहों ने यूपी के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को नफरत की राजनीति का केंद्र बताया है. पत्र में लिखा है कि ‘उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून 2020’ ने प्रदेश को नफरत, विभाजन और कट्टरता की राजनीति का केंद्र बना दिया है. पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे शिवशंकर मेनन, पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव, पूर्व प्रधानमंत्री सलाहकार रहे टीकेए नायर समेत 104 नौकरशाहों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. इस पत्र में लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) एक समय में गंगा-जमुना तहजीब को सींचने वाला राज्य था लेकिन अब नफरत, विभाजन और कट्टरता की राजनीति का केंद्र बन चुका है. पत्र में पूर्व नौकरशाहों ने लिखा है कि कानून अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश है और उन्हें परेशान करने के लिए बनाया गया है. लव जिहाद का नाम राइट विंग विचारधारा रखने वालों ने दिया है. इसमें कथित पर मुस्लिम पुरुष हिंदू महिलाओं को बहलाकर शादी करते हैं और फिन उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हैं. ये केवल मनगढ़ंत कहानी है. यह एक तरफ का जघन्य अत्याचार है जो युवाओं के खिलाफ आपके प्रशासन ने किया है. पूर्व नौकरशाहों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी का हवाला दिया है, जिसमें कहा कि अगर लड़का और लड़की है और खुद की मर्जी से शादी कर रहे हैं, तो इसमें कहीं से भी कोई अपराध नहीं है. कोर्ट ने पिछले महीने एक ऑर्डर दिया था जिसमें किसी के व्यक्तिगत रिश्तों में दखल देना स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है.

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