नई दिल्ली, 2 अप्रैल . केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया.
विधेयक पर चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंड बैंक है. रेलवे, मिलिट्री की जमीन हैं. ये सब देश की प्रॉपर्टी है. वक्फ की संपत्ति, प्राइवेट प्रॉपर्टी है. दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी हमारे देश में है. 60 साल आप सरकार में रहे, फिर भी मुसलमान इतना गरीब क्यों है? उनके लिए क्यों काम नहीं हुआ? गरीबों के उत्थान, उनकी भलाई के लिए काम क्यों नहीं हुए? हमारी सरकार गरीब मुसलमानों के लिए काम कर रही है तो इसमें क्या आपत्ति है? आप लोग जो इस बिल का विरोध कर रहे हैं, देश सदियों तक याद रखेगा कि किसने बिल का समर्थन किया और किसने विरोध किया. आप लोग मुसलमानों को कितना गुमराह करेंगे?”
उन्होंने कहा कि देश में इतनी वक्फ प्रॉपर्टी है तो इसे बेकार में पड़ा नहीं रहने देंगे. गरीब और बाकी मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल किया ही जाना चाहिए. हमने रिकॉर्ड देखा है. सच्चर कमेटी ने भी इसका डिटेल में जिक्र किया है. 2006 में 4.9 लाख वक्फ प्रॉपर्टी थी. इनकी टोटल इनकम 163 करोड़ थी. 2013 में बदलाव करने के बाद इनकम बढ़कर 166 करोड़ हुई. 10 साल के बाद भी 3 करोड़ बढ़ी थी. हम इसे मंजूर नहीं कर सकते.”
उन्होंने लोकसभा में बताया कि 8.72 लाख वक्फ प्रॉपर्टी इस वक्त देश में हैं. इसका अगर हम सही से इस्तेमाल करें तो मुसलमान ही नहीं, देश की तकदीर बदल जाएगी. मैं जम्मू-कश्मीर गया था, वक्फ बोर्ड चेयरपर्सन एक महिला बनीं. उन्होंने कहा कि पहले इनकम की व्यवस्था, उसके रिकॉर्ड की कोई व्यवस्था नहीं थी. उनके आने के बाद 40 करोड़ इनकम हुई. हजरतबल दरगाह में मरम्मत और नवीनीकरण का काम भी चल रहा है. बिल में कई संशोधन प्रस्तावित हुए, उन्हें हमने बिल में शामिल किया. संसदीय समिति के बीच कई मुद्दे होते हैं. सुझाव छोटा भी हो तो हमने शामिल किया है. ये सारी व्यवस्था देखने के बाद सबके मन में उम्मीद जागेगी. नया सवेरा आने वाला है. ये उम्मीद इसलिए है कि यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट रजिस्ट्रेशन से लेकर सर्वे और कलेक्टर के रोल तक मिलाकर मैनेजमेंट का सिस्टम बदलने का काम किया है. सशक्तीकरण कैसे आएगा. मुसलमानों में भी शिया, सुन्नी, बोहरा और पसमांदा के अलावा महिलाओं और बच्चों के लिए हमारे प्रावधानों का पूरी कम्युनिटी स्वागत कर रही है. वक्फ विधेयक किसी भी तरह से किसी भी धार्मिक व्यवस्था, किसी भी धार्मिक संस्था या किसी भी धार्मिक प्रथा में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है.
उन्होंने कहा, “पहले किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित किया जा सकता था, लेकिन हमने उस प्रावधान को हटा दिया है. अब, गरीबों के लाभ के लिए किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकता है. कुछ व्यक्ति, कुछ लोग, अपने निजी लाभ के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे थे. मुस्लिम डेलिगेशन मेरे घर आ रहे हैं, इस बिल का स्वागत कर रहे हैं. गरीब मुसलमान तो बार-बार कह रहे हैं कि इस बिल को जल्दी पास कीजिए. सेंट्रलाइज डेटा बेस होगा, वेबसाइट होगी. ट्रैकिंग होगी, काम वक्त पर होगा, करेक्शन करेंगे, ऑडिट भी होगा. ये हमने राज्य सरकार पर छोड़ा है. जमीन राज्य का विषय है. राज्य सरकारों को पूरी अथॉरिटी मिलेगी. मंत्रालय हमेशा ऑनलाइन जुड़े रहेंगे.”
रिजिजू ने आगे कहा, “राज्य सरकारें ही पूरी तरह से इसकी निगरानी का काम करेंगी. वक्फ धार्मिक, चैरिटेबल मकसद के लिए बनाया जाता है. इसे देखेंगे. इनकम हो रही है कि नहीं, यह भी देखेंगे. जो रिफॉर्म हम लाए हैं, जो बदलाव हमने आपको संक्षिप्त में बताए हैं. अगर आपको लगता है कि हमें इनकम जनरेशन करने के लिए क्या करना चाहिए तो आपके सुझावों का पूरे दिल से स्वागत करेंगे. दरगाहों, मस्जिदों के इमामों ने सुझाव दिए हैं. हमने उन्हें रिकॉर्ड में रखा है.”
उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा, “मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री ने मुझ जैसे साधारण सदस्य को ऐसा महान विधेयक पेश करने का अवसर दिया है. इस प्रयास के लिए लाखों गरीब मुसलमान मुझे दुआएं देंगे. लेकिन, ये दुआएं मैं अकेला क्यों लूं? आपको भी मिलनी चाहिए. इस विधेयक का समर्थन करें, यही मेरी आप सभी से विनम्र प्रार्थना है.”
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एकेएस/एबीएम