मुजफ्फरनगर : साइबर ठगी में शामिल दो महिलाएं गिरफ्तार; 43 हजार नकदी, दो पासबुक, 19 डेबिट कार्ड बरामद

मुजफ्फरनगर, 27 फरवरी . उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की पुलिस ने दो महिला ठगों को गिरफ्तार किया है जो साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थीं. उनके पास से 43 हजार रुपये की नकदी, दो पासबुक और कई क्रेडिट कार्ड बरामद हुए हैं.

आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर एक महिला से साढ़े चार लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी. इस ठगी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 43 हजार की नगदी, बारकोड, दो बैंकों की पासबुक और 19 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं.

एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि यह मामला शाहपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 25 फरवरी को एक महिला ने साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. उसने बताया कि एक व्यक्ति ने उसकी बेटी को इंस्टाग्राम पर शादी का झांसा देकर विदेश से गहने और उपहार भेजने की बात कही. इसके बाद उसने कस्टम ड्यूटी के नाम पर कुछ पैसे एक खाते में जमा कराने के लिए कहा. बाद में उसने कहा कि वह भारत आ गया है, लेकिन जब वह गिफ्ट लेकर आ रहा था तो रास्ते में सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया. उसने अपनी रिहाई के लिए एक बार फिर पीड़िता से पैसे जमा करवाए. इस तरह उससे कुल 4.5 लाख रुपये की ठगी की गई.

पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि ठगी का पैसा जिन दो बैंक खातों में जमा कराए गए हैं, वे दो महिलाओं शाहीन और बस्सो के नाम पर हैं, जो मेरठ जिले की रहने वाली हैं. वे 10 प्रतिशत कमीशन पर अपने बैंक खातों में ठगी का पैसा मंगवाती थीं और बाद में एटीएम से पैसा निकालकर ठगी करने वालों के बैंक खातों में भेज देती थीं. दोनों महिलाओं के नाम पर कुल 17 बैंक अकाउंट थे, जिनमें साइबर धोखाधड़ी के पैसे ट्रांसफर किए जाते थे.

पुलिस ने बताया कि वास्तविक ठगी करने वाले लोगों के कुल 33 बैंक खातों का पुलिस ने पता लगाया है, जिनमें पिछले चार महीने में करीब छह करोड़ 44 लाख रुपये के लेनदेन हुए हैं. पुलिस ने अब उन खातों में मौजूद 12 लाख 78 हजार रुपये को फ्रीज कर दिया है. इस राशि में से पीड़िता को उससे ठगी गई राशि दी जाएगी. पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके पीछे कौन लोग हैं.

पीएसएम/एकेजे