Friday , 16 April 2021

दूसरी रेल लाइन पर ट्रेनों को चलाने का ट्रायल

भोपाल (Bhopal) . दूसरी रेल लाइन पर भोपाल (Bhopal) रेल मंडल के गुना-पीलीघटा रेलखंड में ट्रेनों को चलाने का ट्रायल आज से शुरू हो गया है. यह ट्रायल अलग-अलग चरणों में शाम 4:00 बजे तक चलेगा. इस रेल लाइन को चालू करने से पहले यह ट्रायल किया जा रहा है. यह रेल लाइन 19 किलोमीटर लंबी है. इस रेलखंड में अभी तक एक रेल लाइन थी, उसी पर अप और डाउन की ट्रेनें चलाई जाती थीं. रेलवे (Railway)ने इस रेलखंड में दूसरी रेल लाइन भी बनाकर तैयार कर ली है. इस पर ट्रायल सफल रहा तो शाम तक रूटीन ट्रेनों के लिए यह लाइन चालू कर दी जाएगी. इसी तरह कल यानी बुधवार (Wednesday) को सुबह 10:00 बजे से मंडीदीप से बरखेड़ा के बीच तीसरी रेल लाइन पर रूटीन की ट्रेनों को चलाने का ट्रायल किया जाएगा. यह रेलखंड 29 किलोमीटर लंबा है. अभी इस रेलखंड में दो रेल लाइनें चालू हैं, जिन पर ट्रेनों का अतिरिक्त दबाव है. इसीलिए यह तीसरी रेल लाइन तैयार की गई है. ट्रायल में सब कुछ ठीक रहा तो बुधवार (Wednesday) शाम तक इस लाइन पर भी ट्रेनों का आवागमन चालू कर दिया जाएगा. दोनों ही ट्रायल मुंबई (Mumbai) मध्य वृत्‍त के रेल संरक्षा आयुक्त एके जैन की मौजूदगी में होंगे. वे मंगलवार (Tuesday) सुबह ही विशेष ट्रेन से गुना (guna) पहुंच गए. उनके साथ डीआरएम उदय बोरवणकर और जोन व मंडल के प्रमुख वरिष्ठ अधिकारी मौजूद है.

मंडल के रेल अधिकारियों ने बताया कि रेल संरक्षा आयुक्त की मौजूदगी में ट्रायल शुरू हुआ है. यदि सब कुछ अच्छा रहा तो गुना-पीलीघटा रेलखंड में आज शाम तक दूसरी नई लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी. इन रेलखंडों में ट्रेनों को चलाने की अनुमति मिलने के बाद रेलवे (Railway)के पास ट्रेनों को चलाने के लिए अतिरिक्त रेल लाइन मिलेंगी. यात्री ट्रेनें एक से दूसरे रेलवे (Railway)स्टेशनों के बीच जल्दी पहुंचेगी. सबसे ज्यादा फायदा गुना (guna) से पीलीघटा बीच के रेलवे (Railway)स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों (Passengers) को होगा. साथ ही रेलखंड से गुजरने वाली दूसरी ट्रेनों को भी होगा, क्योंकि यहां अभी सिंगल लाइन है इसलिए 19 किलोमीटर के रेल खंड में जब तक एक ट्रेन नहीं गुजर जाती तब तक दूसरी ट्रेन नहीं चला सकते है. सभी मानकों पर गुना (guna) से पीलीघटा रेलखंड के बीच दोहरीकरण वाले रेलवे (Railway)ट्रैक को जांच लिया गया था. इसी तरह मंडीदीप से बरखेड़ा के बीच तीसरी रेल लाइन को भी मंडल के अधिकारियों ने परख लिया है. रेल मंडल के अधिकारियों ने बताया कि दोनों ट्रायलों पहले ट्रैक के मेंटेनेंस, सिग्नल व्यवस्था, पटरी जोड़ने का काम समेत सभी प्रमुख तैयारियां कर ली थी. कोई कमी नहीं छोड़ी है. जरा सी कमी ट्रायल के दौरान मिलने पर दिक्कतें होती है और दोबारा से ट्रायल करने की नौबत बन जाती है या फिर ट्रायल के बाद भी ट्रेनों को चलाने की अनुमति नहीं मिल पाती है.

Please share this news