Monday , 14 June 2021

इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस के संबंध में दिया गया प्रशिक्षण

खण्डवा . सुरक्षित सड़क के साथ दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के प्रोजेक्ट आईआरएडी संबंधी प्रशिक्षण पुलिस (Police) कंट्रोल रूम खण्डवा में शुक्रवार (Friday) को सम्पन्न हुआ. प्रशिक्षण में अतिरिक्त पुलिस (Police) अधीक्षक श्रीमती सीमा अलावा, अतिरिक्त पुलिस (Police) अधीक्षक प्रकाश परिहार, सी.एस.पी. ललित गठरे एवं यातायात डी.एस.पी. संतोष कौल की उपस्थिति में सभी थाना प्रभारी एवं पुलिस (Police) कर्मचारी स्टॉफ उपस्थित थे. यह प्रशिक्षण जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रदीप पाटीदार, हेमन्त राठौर एवं ऋषि घमेजा द्वारा दिया गया.

जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रदीप पाटीदार ने बताया कि एन.आई.सी. द्वारा तैयार इस आईआरएडी एप से सडक दुर्घटनाओं का डाटाबेस तैयार करवाया जाकर और आई.आई.टी. मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा इसका अध्ययन कर हादसों में कमी लाने के लिए उपाय खोजे जाऐंगे, ताकि सडक दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके. आगामी 1 अप्रैल से जिले में एकीकृत सडक दुर्घटना डाटाबेस परियोजना लागू की जा रही है. प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि जिले में कहीं भी सड़क दुर्घटना होने पर उसकी संपूर्ण जानकारी जैसे घटना दिनांक, समय, स्थान का नाम, घटना स्थल के आसपास की जगह, घटना होने का संभावित कारण सहित अन्य जानकारी ऐप में पोस्ट की जाएगी. इससे भविष्य में किन स्थानों पर एवं किन कारणों से सड़क दुर्घटनाएं बार-बार हो रही है यह जानने में मदद मिलेगी.

दुर्घटना स्थल से ही एप पर दर्ज की जाएंगी जानकारी

प्रशिक्षण में जानकारी दी गई की दुर्घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचने के बाद मोबाइल से फोटो वीडियो अपलोड कर सकेंगे. वाहनों की जानकारी भी एप पर उपलब्ध है दुर्घटना होने पर मौके पर पहुंचे पुलिस (Police) अधिकारी को संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर एवं चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर ऐप पर दर्ज करना होगा, जिसके बाद वाहन और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी मिल जाएगी. इस ऐप में दिए गए फॉर्मेट के द्वारा पुलिस (Police) को दुर्घटना से जुड़ी जानकारी हादसे की वजह मृतक व घायलों का नाम पता सहित घटना स्थल से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी.

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