
jaipur, 24 जनवरी . Rajasthan की पूर्व Chief Minister वसुंधरा राजे ने Saturday को कहा कि महिलाओं को राजनीति में अपनी जगह बनाने के लिए पुरुषों की तुलना में तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है.
वसुंधरा राजे Saturday को jaipur के संविधान क्लब में आयोजित जाट महिला शक्ति संगम कार्यक्रम में बोल रही थीं. इस दौरान उन्होंने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर बात की और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
राजे ने कहा कि महिलाओं ने वर्षों में काफी प्रगति की है, लेकिन बराबरी की भागीदारी पाने के लिए अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है.
कार्यक्रम के दौरान जाट महासभा के अध्यक्ष राजा राम मील ने राजे की जाट समुदाय के लिए भूमिका की तारीफ की. उन्होंने कहा कि राजे ने Rajasthan में जाट आरक्षण की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके नेतृत्व में धौलपुर और भरतपुर के जाटों को भी आरक्षण का लाभ मिला, जो एक महत्वपूर्ण फैसला साबित हुआ.
राजे ने स्वतंत्रता के बाद से India में महिलाओं की प्रगति को आंकड़ों के जरिए बताया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय महिलाओं की साक्षरता केवल 9 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है.
उन्होंने यह भी कहा कि 1957 में सामान्य चुनावों में केवल 3 प्रतिशत उम्मीदवार महिलाएं थीं, जबकि आज यह आंकड़ा 10 प्रतिशत हो गया है. संसद में महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहली Lok Sabha में केवल 22 महिला सांसद थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 74 हो गई है.
इसी तरह राज्यसभा में महिलाओं की संख्या 1952 में 15 थी, जो अब 42 हो गई है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह पर्याप्त नहीं है और महिलाओं का प्रतिनिधित्व पुरुषों के बराबर होना चाहिए.
पूर्व Chief Minister ने President द्रौपदी मुर्मू और पूर्व President प्रतिभा पाटिल के उदाहरण दिए और कहा कि उनकी सफलता का मुख्य कारण शिक्षा है. उन्होंने कई प्रमुख महिला नेताओं और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं जैसे कि कमला बेनीवाल, हेमा मालिनी, सुमित्रा सिंह, प्रियंका चौधरी, रीता चौधरी, और शिखा मील का योगदान भी सराहा.
कार्यक्रम में सुषिला बराला, पद्मश्री पुरस्कार विजेता कृष्णा पूनिया, कमला कंसवा और दिव्या माडर्ना ने भी भाग लिया. विधायक शिखा मील, पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया और पूर्व न्यायाधीश राजेंद्र चौधरी ने भी महिलाओं के सशक्तिकरण और राजनीति में उनकी भागीदारी पर अपने विचार साझा किए.
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एएमटी/डीकेपी