चिली में जंगल की आग से ‘बड़ी तबाही का खतरा’, 20 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया

New Delhi, 18 जनवरी . दक्षिणी अमेरिकी देश चिली में जंगल की भीषण आग के कारण 20 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं. ‘पेन्को वाइल्डफायर’ चिली के कॉन्सेप्सियन में 23 किमी के इलाके में बेकाबू होकर फैल रही है, जिससे 3000 घरों और पेन्को-लिर्कुएन हॉस्पिटल को खतरा है. अगर हवाएं आग को इंदुरा गैस प्लांट की तरफ धकेलती हैं, तो आग से बड़ी तबाही हो सकती है.

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 20,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. social media पर भयावह वीडियो सामने आए जिनमें आवासीय क्षेत्रों और इंदुरा गैस संयंत्र के पास की पहाड़ियों को आग की लपटों में घिरा दिखाया गया है. अगर आग उन तक पहुंच गई तो बड़ी तबाही मच सकती है.

पुएलचे की तेज हवाओं और दशकों से चल रहे भीषण सूखे ने बायोबियो में फैले ज्वलनशील चीड़ और यूकेलिप्टस के वृक्षारोपण में आग के फैलाव को और तेज कर दिया.

चिली के राष्ट्रीय वानिकी निगम ने इसे उच्चतम जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया है, क्योंकि यह वन्यभूमि-शहरी सीमा क्षेत्र है जहां घर घने विदेशी जंगलों से सटे हुए हैं. दमकलकर्मी तेज हवाओं के बीच कठिन भूमि मार्गों से आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हवा की दिशा बदलने की प्रार्थना कर रहे थे.

अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीजों को संभावित एयरलिफ्ट या जमीनी स्थानांतरण की तैयारी की गई. अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन निकासी की तैयारी जारी है. कॉन्सेप्सियन के निवासियों ने नारंगी आसमान और गहरे धुएं के गुबार के वीडियो साझा किए हैं.

इस बीच चिली की आपदा रोकथाम और प्रतिक्रिया राष्ट्रीय सेवा दल (एसईएनएपीआरईडी) ने स्थानीय लोगों से कुछ इलाकों को खाली करने का अनुरोध किया है. बचाव के लिए एसएई मैसेजिंग एक्टिवेट कर दी है. आम लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है. एडवाइजरी जारी कर लोगों से प्रार्थना की है कि वो शांत रहें और अधिकारियों और रिस्पॉन्स टीमों के निर्देशों का पालन करें.

केआर/

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