Sunday , 25 July 2021

चंबल नदी मे पहली बार दिख रहे घड़ियाल के हजारों बच्चे

ग्‍वालियर . मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) , उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan)मे प्रवाहित चंबल नदी मे पहली बार प्रजनन के बाद हजारों की तादाद मे घड़ियाल के बच्चे जन्मे है. 2100 स्क्वायर मीटर में फैले नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में 1989 से घड़ियालों का संरक्षण करना शुरू हो गया था.

alligators-chambal

चंबल सेंचुरी के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि चंबल नदी मे इन दिनो हजारो की तादाद मे घडि़याल के बच्चे नजर आ रहे हैं और चंबल सेंचुरी के अफसरो को इस दृश्‍य ने खुश कर दिया है. राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी के अफसरो के अनुसार तीन राज्यो मे बहने वाली चंबल नदी मे एक अनुमान के मुताबिक 5000 के आसपास घड़ियाल के छोटे-छोटे बच्चे पानी मे तैरते हुए दिख रहे हैं.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan)मे प्रवाहित चंबल नदी मे दुर्लभ प्रजाति के घड़ियालों को संरक्षण के मददेनजर चंबल नदी को संरक्षित कर रखा गया है. घड़ियाल के इन बच्चो को चंबल नदी मे पानी मे तैरते हुए देखा जा सकता है. बाह से लेकर इटावा तक करीब 70 किलोमीटर के दायरे मे इतनी बडी तादात मे इससे पहले घड़ियाल के बच्चो को प्रजनन के बाद नही देखा गया है.

जितनी तादाद मे घड़ियाल के बच्चे चंबल मे नजर आ रहे हैं, उसे देख कर यही कहा जा सकता है कि यह तादाद दुर्लभ प्रजाति के घड़ियाल की संख्‍या बढ़ाने के लिये पर्याप्त है.



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