नई दिल्ली, 2 अप्रैल . लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक,2025 पेश हुआ. इस विधेयक के पेश होने के बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया. वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे देश के लिए हितकारी बताया. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने विधेयक को संविधान के खिलाफ बताया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मोदी सरकार का वक्फ (संशोधन) विधेयक पूरी तरह से असंवैधानिक है, जो धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को कमजोर करता है और व्यक्तिगत कानूनों को सरकार के नियंत्रण में लाने का प्रयास करता है. बीजेपी, जो लंबे समय से अल्पसंख्यकों को दूसरे दर्जे का नागरिक मानती रही है, अब इस विधेयक के जरिए उनकी संपत्तियों को निशाना बना रही है. कांग्रेस पार्टी इस विभाजनकारी आरएसएस-बीजेपी एजेंडे का विरोध करेगी, जो देश के कानून के खिलाफ है.”
केरल की आलप्पुझा सीट से लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक एक खतरनाक, विभाजनकारी कानून है, जो हमारे संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है. सरकार आज इसे ऐसे ला रही है जैसे हमारे देश के सभी अन्य ज्वलंत मुद्दे हल हो गए हों. क्या अब बेरोजगारी नहीं रही? क्या किसान खुश हैं? क्या महिलाएं सुरक्षित हैं? भाजपा का ध्यान इसी पर क्यों है?”
उन्होंने कहा, “यह विधेयक अल्पसंख्यकों के प्रति भाजपा की गहरी नफरत का एक और उदाहरण है – वे उनके जीवन को नियंत्रित करना चाहते हैं और उनके अधिकारों को दबाना चाहते हैं, गैर-मुसलमानों को वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण दिलाना चाहते हैं. यह तो बस शुरुआत है, आगे चलकर वे हर अल्पसंख्यक धर्म पर हमला करेंगे. हम इस विधेयक को पूरी तरह से खारिज करते हैं और संविधान और हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे.”
इससे पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंड बैंक है. रेलवे, सेना की जमीनें हैं. यह सब देश की प्रॉपर्टी है. वक्फ की संपत्ति निजी संपत्ति है. दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी हमारे देश में है. 60 साल आप सरकार में रहे, फिर भी मुसलमान इतना गरीब क्यों है? उनके लिए क्यों काम नहीं हुआ? गरीबों के उत्थान, उनकी भलाई के लिए काम क्यों नहीं हुए? हमारी सरकार गरीब मुसलमानों के लिए काम कर रही है, तो इसमें क्या आपत्ति है?
उन्होंने कहा कि देश में इतनी वक्फ प्रॉपर्टी है, तो इसे बेकार में पड़ा नहीं रहने देंगे. गरीब और बाकी मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल किया ही जाना चाहिए. हमने रिकॉर्ड देखा है. सच्चर कमेटी ने भी इसका डिटेल में जिक्र किया है. साल 2006 में 4.9 लाख वक्फ प्रॉपर्टी थी. इनकी टोटल आय 163 करोड़ रुपये थी. साल 2013 में बदलाव करने के बाद आयकर बढ़कर 166 करोड़ रुपये हुई. आज 10 साल के बाद भी तीन करोड़ रुपये बढ़ी थी. हम इसे मंजूर नहीं कर सकते.
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पीएसके/एकेजे