‘टाटा स्टील वर्ल्ड 25 के’ में हिस्सा लेने वाले विजयी धावकों ने साझा किए अपने अनुभव

कोलकाता, 15 दिसंबर . पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ‘टाटा स्टील वर्ल्ड 25 के’ मैराथन में विजयी हुए धावकों ने रविवार को अपने अनुभव साझा किए. विजेताओं में भारत के साथ-साथ विदेशी धावक भी शामिल हैं.

सभी विजयी धावकों ने से बातचीत में कहा कि यह जीत अथक परिश्रम का परिणाम है. खेल एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है. यह कोई एक दिन का काम नहीं है. अगर आप इसमें सफल होना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको निरंतर परिश्रम करना होगा. तभी आपको सफलता मिलेगी.

इन विजयी धावकों में सुतूम केबेडे, स्टीफन किस्सा, एलीट इंटरनेशनल पुरुष वर्ग के संजीवनी जाधव, एलीट भारतीय महिला वर्ग गुलवीर सिंह शामिल हैं.

संजीवनी जाधव ने से बातचीत में कहा, “मैंने दूसरी बार इस आयोजन में हिस्सा लिया. आज का मौसम बहुत अच्छा था. जब हमने यह रेस कंप्लीट की, तो बहुत अच्छा लगा. हालांकि, मैं रिकॉर्ड ब्रेक नहीं कर पाई. आज का क्लाइमेट और रोड दोनों ही अच्छा था. मैंने 2022 में मैंने पहली बार इसमें हिस्सा लिया था और अब यह दूसरी बार है, जब मैंने हिस्सा लिया है. मैं यह कहना चाहूंगी कि मैं 16 सालों से रनिंग कर रही हूं. इसके बाद मैंने यह उपलब्धि हासिल की है. मैंने अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भी हिस्सा लिया और मेडल जीते. मैं यही कहूंगी कि अगर आप स्पोर्ट्स में कुछ हासिल करना चाहते हैं, तो इसमें आपको समय देना होगा. आपको बहुत मन से मेहनत करनी होगी. अंत में यही कहूंगी कि जीवन में कुछ भी हासिल करने के लिए आपको समय तो देना ही होगा. बिना समय दिए आप कुछ भी हासिल नहीं कर सकते हैं.”

एक अन्य विदेशी धावक ने अपना अनुभव साझा करते हुए को बताया, “मेरे लिए कोलकाता मैराथन बहुत ही अच्छा आयोजन रहा. मैं बहुत खुश हूं. यह दूसरी बार है, जब मुझे जीत मिली है. इसके अलावा, मुझे कोलकाता शहर भी बहुत पसंद है. मैं यंग एथलीट से कहना चाहूंगी कि आप लोग ट्रेनिंग पर ध्यान दें. मेहनत करें और अपने कोच की बातों को मानें. अगर आप ऐसा करेंगे, तो जरूर सफलता मिलेगी.”

एक अन्य विदेशी धावक ने से बातचीत में कहा, “इस तरह के आयोजन में मैं तीसरी बार हिस्सा ले रहा हूं. भारत मेरे लिए पसंदीदा देशों में से एक है. मैं आयोजन में हिस्सा लेकर बहुत खुश हूं. मैं युवा एथलीटों से यह कहना चाहूंगा कि आप मेहनत करते रहिए. आपको सफलता जरूर मिलेगी.”

एसएचके/एएस