नई दिल्ली, 21 फरवरी . अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को मतदान के लिए भारत को 21 मिलियन डॉलर भेजे जाने के बयान पर देश में हंगामा मचा हुआ है. इस पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की जांच होने की बात कही.
नई दिल्ली, 21 फरवरी . अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को मतदान के लिए 21 मिलियन डॉलर भेजे जाने के बयान पर देश में हंगामा मचा है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने निशाना साधते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की जांच की बात कही है.
प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार कहा है कि “भारत में मतदान के लिए 21 मिलियन डॉलर खर्च किए गए हैं”. उन्होंने इसे ‘किक बैक स्कीम (रिश्वत योजना)’ कहा. यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस इकोसिस्टम इस किकबैक स्कीम का लाभार्थी था!”
इसके अलावा बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस मामले पर एक्स पर लिखा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मतदान के लिए भारत को 21 मिलियन डॉलर भेजे जाने की बात कहने के एक दिन बाद, इस आरोप को फिर से दोहराया है. यही नहीं, वह इससे बांग्लादेश को भेजे गए 29 मिलियन डॉलर से भ्रमित नहीं कर रहे हैं. इस बार, उन्होंने रिश्वत का भी उल्लेख किया है. अनिवार्य रूप से, इस पैसे का उपयोग डीप स्टेट एसेट्स को बनाए रखने के लिए भी किया जाता है जो ऐसे खुलासों को बचाने और पलटने का काम करते हैं. हम अब भारत में भी यही पैटर्न होते हुए देख रहे हैं.”
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा था, “भारत में मतदान के लिए $21 मिलियन. हम भारत में मतदान की परवाह क्यों कर रहे हैं? हमारे पास पहले से ही बहुत सी समस्याएं हैं. हम अपनी समस्याओं को सुलझाना चाहते है. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि इतना सारा पैसा भारत जा रहा है?”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे आश्चर्य है कि जब उन्हें पैसा मिलता है तो वे क्या सोचते हैं. आप जानते हैं उनके लिए अब यह एक रिश्वत योजना है. ऐसा नहीं है कि वे इसे प्राप्त करते हैं और खर्च करते हैं. मैं कहूंगा कि कई मामलों में वे इसे उन लोगों को वापस देते हैं जो इसे भेजते हैं. किसी को भी पता नहीं है कि वहां क्या हो रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, “बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य को मजबूत करने के लिए $29मिलियन. कोई नहीं जानता कि राजनीतिक परिदृश्य से क्या मतलब है.”
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पीएसएम/एमके