Friday , 25 June 2021

अप्रैल-मई में पीक पर होगी कोरोना की दूसरी लहर!

नई दिल्‍ली . भारत में फरवरी से लगातार कोरोना के मामले बढ़त जा रहे हैं. जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब कोरोना की दूसरी लहर देश में पहुंच गई है. स्टेट बैंक (Bank) ऑफ इंडिया के शोध टीम द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. कोरोना की दूसरी लहर लगभग 100 दिनों तक रहेगी. अगर 15 फरवरी से गणना करें तो मई तक इसका असर बना रहेगा.

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23 मार्च के ट्रेंड को आधार मानकर बात करें, तो देश में दूसरी लहर से तकरीबन 25 लाख से अधिक लोग कोरोना से पीड़ित हो सकते हैं. एसबीआई द्वार जारी की गई 28 पेज की रिपोर्ट में बताया गया है कि लोकल स्तर पर लॉकडाउन (Lockdown) के प्रतिबंधों का कोई असर नहीं होता है. इसलिए मॉस लेवल पर टीकाकरण ही इसका एकमात्र उपाय है.

अगर अभी से इसकी गणना करें तो अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से लेकर मई के मध्य तक इसका पीक हो सकता है. आर्थिक संकेतकों पर फोकस करते हुए पिछले हफ्ते से ही सूचकांकों में लगातार गिरावट देखी जा रही है. आंशिक तौर पर या पूरी तरह से कुछ राज्यों में एहतियातन लॉकडाउन (Lockdown) जैसे कदम उठाने का असर अगले माह से दिखाई देने लगेगा.

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रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर देकर कहा गया है कि राज्यों में टीकाकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है. अगर वर्तमान समय की रोजना टीकाकरण की गति को 34 लाख से बढ़ाकर 40-45 लाख रोजाना किया जाए तो तीन से चार माह में 45 साल से ऊपर के लोगों को पूरी तरह से वैक्सीनेट किया जा सकता है.

देश में आज एक दिन में दूसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा 53476 नए मामले सामने आए हैं, जो पांच माह में सबसे अधिक मामले हैं. यह आंकड़े स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार (Wednesday) को बताया कि देश के 18 राज्यों में डबल म्यूटैंट वैरियंट पाया गया है.

आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर समय से पहले आ गई है. इसलिए हम सबको सचेत रहने की आवश्यकता है. ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कराए जाएं, मास्क लगाना आवश्यक है, साथ ही टीकाकरण जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए.

संक्रमण अनुपात के लिए इंजेक्शन इजरायल, यूके और चिली भारत से बेहतर कर रहे हैं. हालांकि, भारत में टीकाकरण / सौ आबादी की गति बहुत अधिक है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब, तमिलनाडु (Tamil Nadu), आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र (Maharashtra) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) सहित अधिक बुजुर्ग आबादी (60 साल से अधिक) वाले कई राज्यों ने अपनी आबादी का कम प्रतिशत टीकाकरण किया है और अपनी गति में वृद्धि करनी चाहिए.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार (Wednesday) (24 मार्च) को कहा कि देश में प्रशासित COVID-19 वैक्सीन खुराक की संचयी संख्या 52.1 मिलियन को पार कर गई है.


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