Wednesday , 22 January 2020
रिपोर्ट में कहा गया हैं, पांच सबसे बड़े दीर्घकालिक संकट पर्यावरण से जुड़े हुए

रिपोर्ट में कहा गया हैं, पांच सबसे बड़े दीर्घकालिक संकट पर्यावरण से जुड़े हुए

लंदन. दुनिया के सामने पांच सबसे बड़े दीर्घकालिक संकट पर्यावरण से जुड़े हुए हैं. यह जानकारी दावोस के गैर सरकारी संगठन विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सर्वे रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में तात्कालिक संकट आर्थिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण के बढ़ने का है.

डब्ल्यूईएफ में कहा गया है,उस समय जबकि साझा संकटों से निपटने के लिए कंपनियों और सरकारों का मिलकर काम करना जरूरी है, हम ऐसी अस्थिर दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं जहां भू राजनीतिक अशांति के चलते बड़ी शक्तियों के बीच मनमाने ढंग से प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही हैं. यह रपट दस साल से आ रही है. पहली बार इसमें पहले पांच जोखिम पर्यावरण से जुड़े हैं.

इन जोखिमों में अति कठोर मौसम की आपदा, मानव निर्मित पर्यावरणीय संकट, जैव विविधता की व्यापक क्षति, प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु परिवर्तन कम करने और उसके अनुकुल ढलने के काम में विफलता को रखा गया है. रपट में 2020 के अल्पकालिक जोखिमों में आर्थिक टकरावों, देशों के अंदर राजनीतिक ध्रुवीकरण,लू का प्रकोप, प्राकृतक संसाधनों और परिस्थितिकी का विनाश और साइबर हमलों की गिनती की गई है.