Monday , 26 July 2021

पॉवर जनरेटिंग कंपनी को खर्च करना पड़ेंगे ३५ करोड़

जबलपुर, 23 मार्च . पिछले साल अगस्त-सितंबर माह से सिंगाजी पॉवर प्लांट सहित 7 अन्य बिजली उत्पादन इकाइयों में उत्पादन बंद हो गया है. इससे करीब 1800 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रभावित हो रहा है. इन इकाइयों को ठीक करवाने पर सरकार को करीब 35 करोड़ की राशि खर्च करनी होगी, जबकि सिंगाजी की दोनों इकाइयों का काम निर्माता कंपनी द्वारा किया जा रहा है.

7 इकाइयों के बंद होने के कारण सरकार को बाहर से 2 से 3 हजार मेगावाट बिजली क्रय करनी पड़ रही है और इस पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना 660 मेगावाट की इकाई क्रमांक 3 की एचपी टरबाइन ब्लेड टूट जाने से 5 अगस्त 2020 से बंद है. साथ ही इकाई क्रमांक 4 में सुधार कार्य नहीं होने की वजह से ये भी 22 सितंबर 2020 से बंद है और इन दोनों इकाइयों के बंद होने की वजह से 4,937.70 मिलियन यूनिट बिजली यानि 1200 मेगावाट का उत्पादन नहीं हो रहा है. 7 माह से इन इकाइयों को सुधारने का काम निर्माता कंपनी द्वारा किया जा रहा है, फिर भी इन्हें सुधारा नहीं जा सका है. इसके कारण सरकार को बाहर से बिजली क्रय करनी पड़ रही है.

इनका कहना है………….

हमारी इकाइयां अभी मेन्टीनेंस में चल रही है. उन्हें शुरू करने का प्रोग्राम तय है. जल्द ठीक करवाने के बाद उनमें विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा. मुझे नई इकाइयों के बंद होने के बारे कोई जानकारी नहीं.
मंजीत सिंह, एमडी, मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी जबलपुर

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