इटावा, 30 नवंबर . पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों के जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने के बाद भारत के नवदीप सिंह ने जिस अंदाज में जश्न मनाया वह काफी सुर्खियों में रहा था. उनके जोश, उत्साह और सेलिब्रेशन से साफ नजर आ रहा था कि उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कितनी कड़ी मेहनत की होगी.
इटावा में दिल्ली पब्लिक स्कूल के वार्षिक खेल उत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे पैरालंपिक खिलाड़ी नवदीप सिंह और अजीत सिंह का शानदार स्वागत हुआ. दोनों ही खिलाड़ियों ने स्कूल के बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक किया.
इस मौके पर नवदीप सिंह ने कहा, “खेल ही बच्चों के विकास की मजबूत नींव होते है. सभी माता-पिता को अपने बच्चों को खेल के प्रति हमेशा प्रेरित करना चाहिए. जब आपके बच्चे के पीछे देश का तिरंगा होगा तो वह किसी भी माता- पिता के लिए सबसे बड़े गर्व का क्षण होगा.
“कोई भी खेल खेलो लेकिन सबसे जरूरी बात है कि हमें उसमें दिलचस्पी होनी चाहिए. व्यक्तिगत खेल अन्य खेलों के मुकाबले थोड़ा चुनौतीपूर्ण है. जैसे क्रिकेट है, वह एक टीम गेम है और उसमें कई मौके हैं. टी20, वनडे, टेस्ट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट उनके पास खुद को साबित करने के बहुत मौके हैं. लेकिन इसमें हम थोड़ा पीछे हैं क्योंकि जैसे अभी ओलंपिक हुआ और अब चार साल बाद यह मौका होगा. इसलिए हमारे पास काफी कम मौके होते हैं जिसमें हमें बेस्ट प्रदर्शन करना होता है. एशियन चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ इवेंट भी है लेकिन वो लोगों के बीच सीमित है.”
अजीत सिंह ने कहा कि 2036 में भारत ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए तैयार है. हमे पूरा भरोसा है कि अगली बार भी हम अपने भारत देश के लिए इन बच्चों के माध्यम से ओलंपिक मेडल अवश्य ही लेकर आएंगे.
अजीत सिंह ने कहा, “हरियाणा में खेल का माहौल काफी अच्छा है. जैसे हमारे यहां राजनीति का बोलबाला है और हर गली में युवा नेता घूम रहा है. ठीक वैसे ही हरियाणा में हर गली में खिलाड़ी है. मैं चाहता हूं कि इटावा में भी ऐसा माहौल बने.”
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एएमजे/आरआर