कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

जबलपुर, 22 जून . मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि विश्वव्यापी आपदा (ण्दन्ग््-19) कोरोना महामारी (Epidemic) की आड़ में जुलाई 2020 में मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि भी रोक दी गई थी, जिसे लगभग एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है. वर्तमान में मंहगाई आसमान छू रही है जबकि इसके विपरित कर्मचारियों के वेतन में लगभग दो वर्षों से कोई वृद्धि नहीं हुई है,जिसका खामयाजा कर्मचारियों के साथ-साथ उनके आश्रित परिवार को भी भुगतना पड़ रहा है. रज्य गठन के बाद संभवतः यह पहला अवसर है कि राज्य कर्मचारियों की वेतन वृद्धि एक मुश्त रोकी गई, कोरोनाकाल के पहल भी देश के साथ-साथ प्रदेश में अनेक विपदा आई किन्तु पूर्वर्ती सरकारों द्वारा कर्मचारियों को आर्थिक हानी नहीं पहुंचाई गई.

संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, नरेन्द्र दुबे, अटल उपाध्याय, आलोक अग्निहोत्री, मुकेश सिंह, दुर्गेश पाण्डे, यू.एस.करौसिया, राजेश गुर्जर, बृजेश ठाकुर, सुधीर खरे, आशीष सक्सेना, अमित नामदेव, तपन मोदी, ए.आई.मंसूरी, विवके भट्ट, राजेन्द्र श्रीवास्तव, नितिन श्रृंगी, बुजेश मिश्रा, आशुतोष तिवारी, सुरेन्द्र जैन, डॉदसंदीप नेमा, दीपक राठौर, अनुराग चंन्द्रा श्यामनारायण तिवारी, नितिन शर्मा, प्रियांशु शुक्ला, धीरेन्द्र सोनी, मो0तारिख संतोष तिवारी, आदि ने माननीय मुख्यमंत्री (Chief Minister) म.प्र.शासन को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर मांग की है कि इस भीषण मंहगाई के दृष्टिगत रखते हुए कर्मचारियों को देय वेतन वृद्धि/मंहगाई भत्ते पर लगी रोक शीध्र हटाते एरियर्स भुगतान के आदेश जारी किये.

 

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