स्पीकर के रूप में माइक जॉनसन के चुने जाने को जीओपी पर ट्रंप का अजेय नियंत्रण माना जा रहा

वाशिंगटन, 27 अक्टूबर . तीन सप्ताह तक चले गतिरोध के बाद बुधवार को लुइसियाना के रिपब्लिकन माइक जॉनसन का स्पीकर पद पर आसीन होना, जिसमें महत्वपूर्ण मतदान में तीन प्रमुख रिपब्लिकन पिछड़ गए, यह दर्शाता है कि जीओपी के अधिकांश सदस्यों पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अजेय प्रभाव है. अमेरिकी मीडिया की खबरों में यह बात कही गई.

फ्लोरिडा के कांग्रेसी मैट गेट्ज़, जिन्होंने अक्टूबर की शुरुआत में केविन मैक्कार्थी को अध्यक्ष पद से हटा दिया था, ने कहा कि माइक जॉनसन का अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष के रूप में आगे बढ़ना रिपब्लिकन पार्टी पर ट्रंपके प्रभुत्व को साबित करता है और “एमएजीए प्रबल है”. उन्होंने अपने अभियान के नारे, “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” के लिए ट्रंपके संक्षिप्त नाम का उपयोग किया.

द गार्जियन ने कहा कि यह गेट्ज़ ही थे, जिन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के अंदर तीन सप्ताह तक नेतृत्वहीन अराजकता की स्थिति पैदा की, जिससे सदन ठप हो गया और प्रोटेम स्पीकर पैट्रिक हेनरी की अध्यक्षता में इजरायल और यूक्रेन के लिए फंडिंग जैसे किसी भी महत्वपूर्ण कानून को पारित करने में असमर्थ रहा.

मैककार्थी को वोट देने में सात रिपब्लिकन गेट्ज़ के साथ शामिल हुए थे, जो अमेरिकी कांग्रेस के इतिहास में अपनी ही पार्टी द्वारा बेदखल किए गए पहले अध्यक्ष थे.

सदन में तीन सप्ताह की अराजकता के दौरान सभी तीन नामांकितों – स्टीव स्कैलिस, जिम जॉर्डन और टॉम एम्मर – का विरोध करने वाले 22 रिपब्लिकन मजबूत समर्थकों के साथ ट्रंपके सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि माइक जॉनसन स्पीकर की कुर्सी के लिए सही व्‍यक्ति हैं.

द गार्जियन ने कहा कि जिम जॉर्डन हार गए, लेकिन माइक जॉनसन ने ट्रंप द्वारा स्वीकार किए जाने वाले उन्हीं विश्‍वासों को अपनाया और उनका विरोध नहीं करने, बल्कि सदन की अनिश्चितताओं को हमेशा के लिए खत्म करने पर जोर दिया. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के नए अध्यक्ष के रूप में माइक जॉनसन के उद्भव ने अपेक्षाकृत कम-ज्ञात लुइसियाना रिपब्लिकन को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है.

जिम जॉर्डन की तरह माइक जॉनसन ने 2020 के चुनाव के फैसले को पलटने की कोशिश की, जिसमें डेमोक्रेट के जो बाइडेन को राष्ट्रपति चुना गया.

एसजीके

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