महाकुंभ नगर, 26 फरवरी . पावन त्रिवेणी के तट पर 45 दिनों से चल रहे महाकुंभ 2025 के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. संगम और गंगा-यमुना में पुण्य की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में जाकर भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक कर रहे हैं.
बाहर से आए श्रद्धालुओं में खासतौर पर महाकुंभ नगर में बने पौराणिक शिव मंदिरों में भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक की उत्सुकता देखी गई. मेला प्रशासन की ओर से भी मंदिरों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
भगवान विष्णु का उपासना क्षेत्र प्रयागराज शिव आराधना के महापर्व महाशिवरात्रि में शिवमय हो गया है. ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के सभी शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है.
त्रिवेणी के तट पर चल रहे महाकुंभ का आखिरी पुण्य स्नान करके श्रद्धालु निकट के शिव मंदिरों में पहुंच रहे हैं. सरस्वती घाट के निकट सिद्ध पीठ मनकामेश्वर में सुबह से लाखों लोग जलाभिषेक कर चुके हैं.
सृष्टि के प्रथम शिव मंदिर के रूप में पुराणों में उल्लेखित दारागंज के ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है. मां गंगा में पवित्र स्नान कर शिव भक्त ब्रह्मेश्वर महादेव और शिवकुटी के कोटेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर रहे हैं.
अरैल के विभिन्न घाटों में स्नान कर शिव भक्त निकट के सोमेश्वर महादेव मंदिर में भोले भंडारी का जलाभिषेक कर रहे हैं.
महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व पर 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम के पावन जल में पुण्य स्नान का प्रशासन का अनुमान है. श्रद्धालुओं का यह जनसैलाब पवित्र नदियों में स्नान कर सीधे शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए जा रहा है.
इसे देखते हुए महाकुंभ प्रशासन ने शिवालयों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की है. सभी प्रमुख शिव मंदिरों में पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल भी तैनात किए गए हैं. श्रद्धालु पूरी व्यवस्था और सुगमता के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपने-अपने गंतव्य स्थलों के लिए रवाना हो रहे हैं.
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एसके/एबीएम