Monday , 25 January 2021

किसानों को नहीं मना पा रही केंद्र सरकार

नई दिल्‍ली . नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों (Kisan Protest News) को मनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार कोशिश की जा रही है. गुरुवार (Thursday) को किसान संगठनों से जुड़े नेताओं और सरकार के बीच एक और दौर की वार्ता हुई.

farmers-talks

करीब 8 घंटे की बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बन गई है. सरकार किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार है. अगली बैठक में समाधान की उम्मीद है. इस बीच किसानों की कुछ मांगों को लेकर सरकार तैयार हो गई है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सरकार मंडियों को मजबूत बनाने के लिए तैयार है. प्रस्तावित निजी बाजारों के साथ समान परिवेश सृजित करने, विवाद समाधान के लिए किसानों को ऊंची अदालतों में जाने की आजादी दिए जाने जैसे मुद्दों पर भी विचार को तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद व्यवस्था जारी रहेगी.

कृषि मंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था को कभी छुआ भी नहीं जाएगा. न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार, फसलों की खरीद की व्यवस्था बरकरार रहेगी. तोमर ने यह भी कहा कि अगली बैठक शनिवार (Saturday) को दोपहर दो बजे होगी. उम्मीद जताई कि उस बैठक में मामला निर्णायक स्तर पर पहुंचेगा और कोई समाधान होगा. उन्होंने किसान संगठनों से ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए अपना विरोध-प्रदर्शन समाप्त करने की भी अपील की.

सरकार के इस आश्वासन के बावजूद किसानों से बातचीत में कोई रास्ता निकलता नहीं दिख रहा है. किसानों का कहना है कि सरकार के सामने बात कृषि कानूनों की वापसी के लिए रखी जा रही है, लेकिन सरकार सिर्फ एमएसपी के बारे में बात कर रही है. वे कुछ और नहीं बल्कि विवादास्पद कानून को समाप्त होना देखना चाहते हैं.

किसान संगठनों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों में कुछ संशोधनों पर विचार की पेशकश की है, लेकिन इसको ठुकरा दिया गया है. किसानों ने सरकार को कह दिया कि उसके पास केवल दो विकल्प हैं. या तो वह कानूनों को निरस्त करे या विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने के लिये बल का प्रयोग करे.

इन मांगों पर बनी बात…

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के साथ बैठक के बाद कहा कि एसडीएम स्तर से आगे विवाद समाधान के दायरे और क्षेत्राधिकार बढ़ाने को लेकर सरकार तैयार है.
सरकार एपीएमसी (कृषि उपज बाजार समिति) मंडियों और नये कानूनों के तहत बनने वाली निजी मंडियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने पर विचार करेगी
नए कानूनों के तहत एपीएमसी मंडियों के बाहर काम कर रहे कारोबारियों के पंजीकरण के लिए भी प्रावधान करने को सरकार तैयार है.
नए कानूनों के कारण मंडियों को कमजोर करने के संदर्भ में किसानों की चिंता पर विचार करने को सरकार तैयार है.
सरकार पराली जलाए जाने और बिजली संबंधित कानून पर अध्यादेश से संबंधित किसानों की चिंता पर भी गौर करने को तैयार है.
सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद प्रक्रिया जारी रखने, उसमें सुधार और उसके विस्तार को लेकर प्रतिबद्ध है.


Please share this news