Tuesday , 31 March 2020
केंद्र सरकार आज देश की असली हालत देश के लोगों से छुपा रही है – कांग्रेस

केंद्र सरकार आज देश की असली हालत देश के लोगों से छुपा रही है – कांग्रेस

नई दिल्ली. कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव बल्लभ ने आज मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बचपन में हम एक खेल खेला करते थे, ‘छुप्पन-छुपाई’. मुझे ऐसा लगता है कि सरकार में बैठे कुछ लोगों का  पसंदीदा खेल है, छुप्पन-छुपाई. किसानों की आत्महत्या के आंकड़े छुपाओ, बेरोजगारी के आंकड़े छुपाओ, नोटबंदी की सच्चाई छुपाई, असली जीडीपी के आंकड़े छुपाओं, दीवार के पीछे गरीबी को छुपाओ और अब आज समाचार पत्रों में साफ-साफ लिखा आता है कि 40 साल की सबसे कम भारत की खपत को छुपाओ.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 9 साल में इस साल देश में लोगों की आय में सबसे कम वृद्धि हुई है. जब आय में वृद्धि सबसे कम होगी तो निश्चित रुप से बचत भी घटेगी, क्योंकि महंगाई जो इंफ्लेशन का आंकड़ा है, वो 7.59 प्रतिशत, रिटेल इंफ्लेशन का, जो जनवरी, 2020 का आंकड़ा है. तो मैं यह कह रहा था कि खर्च घटेगा और आपकी आय में वृद्धि 9 साल की सबसे कम होगी, तो बचत घटेगी. बचत घटेगी और महंगाई बढ़ेगी तो कीमतें बढ़ेगी. कीमतें बढ़ेगी और जीडीपी ग्रोथ आपकी नहीं हो पाएगी, तो सरकार को जो राजस्व प्राप्त होता है, वो घटेगा. कंपनियों की जो टॉपलाइन है वो घटेगी तो निश्चित रुप से रोजगार घटेगा.

तो ये वीशियस साइकिल है, आप इसको छुपाने से, आंकड़ों को छुपाने से, रिपोर्ट्स को छुपाने से सत्य को नकार नहीं सकते. सत्य बिल्कुल सामने है और सत्य सरकार की पसंदीदा रेटिंग एजेंसी, आपको याद होगा, इस रेटिंग एजेंसी के बारे में कसीदे बड़े-बड़े लोग कहते थे कि भाई साहब उन्होंने हमको बोल दिया, उसी  रेटिंग एजेंसी, ‘मूडीज’ ने आज ग्रोथ प्रोजेक्शन किया है कि 2020 में ग्रोथ रेट भारत की 5.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.

रिजर्व बैंक ने तीन दिन पहले बोला 6 से साढ़े 6, मूडीज बोलते हैं 5.4 प्रतिशत, क्योंकि वो छुपा नहीं रहे हैं, उनको पता है कि क्या हो रहा है. सरकार स्थिति को स्वीकार करने और उससे निपटने के बजाय, सच्चाई से कन्नी काटने लगती है और  समस्या से लड़ने के बजाय नागरिकों से लड़ने लग जाती है.

कल हमने प्रेस वार्ता की, देश की महिलाओं के प्रति मोदी सरकार ने ‘वॉर अगेन्स्ट वीमेन’ कर रखा था, उनको बोला था कि आप कॉम्बैट रोल नहीं कर सकते. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का कल ही हमने इसी पटल से स्वागत किया. आपने ‘वॉर अगेन्स्ट यूथ’ कर रखा है. आपने ‘वॉर अगेन्स्ट स्टूडेंट्स’ कर रखा है, बेरोजगारी को बढ़ाकर. आपने ‘वॉर अगेन्स्ट फार्मर’ कर रखा है. पिछले 6 साल में 3 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ हुई है, एग्रीकल्चर सेक्टर में और 2022 में आप बोल रहे हो कि किसानों की आय डबल हो जाएगी, डबल करने के लिए 15 प्रतिशत की ग्रोथ रेट चाहिए.