Saturday , 19 June 2021

हाईकोर्ट पहुंचा जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर के निलंबन का मामला

-याचिका में डॉ सौम्या ने निलंबन की कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के विपरीत जाकर करना बताया

जयपुर (jaipur). जयपुर (jaipur)के ग्रेटर नगर निगम की मेयर तथा 3 पार्षदों पर की गई कार्रवाई का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है. निलंबित मेयर डॉ सौम्या गुर्जर ने राजस्थान (Rajasthan)हाई कोर्ट में याचिका दायर करके स्वायत्त शासन विभाग की कार्रवाई को गलत ठहराया है. उन्होंने कहा है कि उनके निलंबन की कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के विपरीत जाकर की गई है. पूरे मामले में उन्हें पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया. डॉ सौम्या ने अपनी याचिका में कहा है कि थाने में दर्ज एफआईआर (First Information Report) में भी उनका नाम नहीं है, लेकिन फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. सौम्‍या गुर्जर ने अधिवक्ता आशीष शर्मा के जरिए अपनी याचिका ऑनलाइन दायर की है.

याचिका में डॉ सौम्या गुर्जर ने कहा कि पूरे मामले में सरकार ने घटना के दिन ही आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव की शिकायत पर जांच एक आरएएस अधिकारी को सौंप दी. ऐसे में उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है. जांच अधिकारी ने उन्हें 5 जून को नोटिस जारी करके उसी दिन दोपहर 3 बजे तक जवाब देने का समय दिया, लेकिन समय समाप्त होने के बाद उन्हें नोटिस मिला. वहीं, शनिवार (Saturday) होने के चलते उस दिन वीकेंड कर्फ्यू भी था. सौम्‍या गुर्जर ने अपनी याचिका में कहा कि इसके बाद जांच अधिकारी ने रविवार (Sunday) को 2 बजे का टाइम जवाब देने के लिए फिक्स किया, लेकिन उस दिन भी वीकेंड कर्फ्यू था. ऐसे में हमने जवाब के लिए उपयुक्त समय देने का प्रार्थना पत्र पेश किया. उसे दरकिनार करते हुए जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी.

उसके आधार पर सरकार ने याचिकाकर्ता को 6 जून को निलंबित कर दिया. वहीं, नया कार्यवाहक मेयर भी नियुक्त कर दिया. यह पूरी कार्रवाई एक तरफा और राजनीति से प्रेरित होकर की गई है. 4 जून को शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी के भुगतान को लेकर मेयर ने आयुक्त को अपने चैम्बर में बात करने के लिए बुलाया.वहां पहले से सफाई समिति के चेयरमेन सहित अन्य पार्षद मौजूद थे. आयुक्त का आरोप है कि मेयर की मौजूदगी में तीन पार्षदों ने उनके साथ बदसूलकी की. इसके बाद आयुक्त के समर्थन में निगम कर्मचारी आ गए.वहीं मेयर पार्षदों के पक्ष में डटी रहीं.

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