दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य से भाजपा कर रही खिलवाड़, भाजपा की उत्तरी नगर निगम के पास डेंगू से लड़ने वाली दवाइयां शून्य : आतिशी – Daily Kiran
Thursday , 9 December 2021

दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य से भाजपा कर रही खिलवाड़, भाजपा की उत्तरी नगर निगम के पास डेंगू से लड़ने वाली दवाइयां शून्य : आतिशी

नई दिल्ली (New Delhi) . आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य से भाजपा खिलवाड़ कर रही है. भाजपा की उत्तरी नगर निगम के पास डेंगू से लड़ने वाली दवाइयां ही नहीं हैं. उत्तरी नगर निगम ने इस साल 7 में से 6 दवाइयां अभी तक नहीं खरीदी हैं, न ही खरीदने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है, जबकि डेंगू का प्रकोप इन दिनों बढ़ा है. एमसीडी के दस्तावेज ने भाजपा की पोल खोली है. जिससे पता चलता है कि एमसीडी के पास डेंगू-मलेरिया के खिलाफ लड़ने के लिए दवाई नहीं हैं. उन्होंने सवाल पूछा कि भाजपा की दिल्ली वालों से क्या दुश्मनी है? क्यों दिल्ली वालों के स्वास्थ्य के साथ भाजपा खिलवाड़ कर रही है?

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और विधायक आतिशी ने आज प्रेस वार्ता को संबोधित किया. आतिशी ने कहा कि एमसीडी डेंगू को नियंत्रत करने में नाकाम रही है. एमसीडी का डेंगू नियंत्रण बहुत बुरे हाल में है. पहली बात एमसीडी के एंटी मलेरिया विभाग में 70 फ़ीसदी वैकेंसी खाली हैं. जिन लोगों को घर-घर जाकर डेंगू और मलेरिया की जांच करनी है और दवाई डालनी है, वो नहीं हैं. दूसरी बात एमसीडी ना के बराबर फॉगिंग कर रही है. तीसरी बात डोर टू डोर जाकर जांच करने और दवाई डालने में भी एमसीडी जीरो है.

उन्होंने कहा कि पिछले नॉर्थ एमसीडी के चौंकाने वाले सबूत सामने आए हैं. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के पास डेंगू के पीक सीजन में डेंगू-मलेरिया से लड़ने के लिए जो दवाइयां-केमिकल चाहिये वो नहीं हैं. सात दवाइयां ऐसी हैं जो डेंगू और मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल होती हैं और वह दवाइयां नहीं हैं. नॉर्थ एमसीडी का आधिकारिक कागज बता रहा है कि सात दवाइयां एमसीडी को इस्तेमाल करनी होती है. एमसीडी में पांच दवाई बिल्कुल खत्म हैं. सिर्फ दो दवाइओं में से एक 500 लीटर और दूसरी 800 लीटर मौजूद है, जो कि मात्र 2 से 3 दिन का स्टॉक है.

विधायक आतिशी ने कहा कि जब नॉर्थ एमसीडी ने यह जानकारी दी, उसके बाद से अभी तक दवाई खत्म हो गई होगी. कोई यह सवाल उठा सकता है कि स्टॉक इसलिए खत्म हुआ होगा क्योंकि उत्तरी नगर निगम ने अच्छा काम किया हो, लेकिन ऐसा नहीं है. क्योंकि जब हमारे नेता प्रतिपक्ष ने यह सवाल पूछा कि इस वित्त वर्ष में इन दवाइयों की कितनी खरीदारी हुई है तो पता चलता कि 7 में से 6 दवाइयां इस वित्त वर्ष में अभी तक नहीं खरीदी गई हैं.‌ 1 अप्रैल से 23 अक्टूबर तक खरीदारी की प्रक्रिया में है. इसका मतलब यह है कि इस पूरे वित्त वर्ष में 6 महीने से ज्यादा बीत गए हैं. लेकिन नॉर्थ एमसीडी ने दिल्ली वालों को बचाने के लिए मलेरिया-डेंगू की 1 लीटर भी दवाइ भी नहीं खरीदी है. इसमें से सात में से छह दवाइयां इस साल में खरीदी ही नहीं गई हैं. एमसीडी के कागज कहते हैं कि यह सभी दवाइयां टेंडर प्रक्रिया में चल रही हैं.

उन्होंने कहा कि अप्रैल के महीने से फॉगिंग शुरू करनी होती है. डोर टू डोर जाकर जांच करनी होती है कि मलेरिया डेंगू के मच्छर तो नहीं पनप रहे हैं. घर-घर जाकर पानी निकलवा कर वहां पर यह दवाई एमसीडी को दवाई डालनी होती है. लेकिन एमसीडी वाले दवा कैसे डालेंगे, जब दवाईयां खरीदी ही नहीं गईं. डेंगू की एक दवा कुछ दिन पहले आई है और इस्तेमाल होना शुरू नहीं हुई है. विभाग का कहना है कि दवाई की टेस्टिंग चल रही है. जिसकी रिपोर्ट एक-दो दिन में आ जाएगी. इसका मतलब इन सातों में से एक भी दवा आज उत्तरी दिल्ली नगर निगम के पास नहीं है. उत्तरी दिल्ली नगर निगम की नाकामयाबी है कि पूरे इस वित्त वर्ष में अप्रैल से अभी तक दवाई नहीं खरीदी जा सकीं.

विधायक आतिशी ने कहा कि भाजपा बताए कि दिल्ली वालों से क्या दुश्मनी है? क्यों आपने दिल्ली वालों को डेंगू और मलेरिया से प्रताड़ित होने के लिए छोड़ दिया है? क्यों दिल्ली वालों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं? जब सबको पता है कि दिल्ली में डेंगू बहुत बड़ी समस्या होती है और आपकी जिम्मेदारी थी दवाई खरीदना और डोर टू डोर जाकर छिड़काव-फॉगिंग करना तो अप्रैल से अब तक क्यों 1 लीटर दवा भी नहीं खरीदी गई. यही कारण है कि दिल्ली के लोग भाजपा शासित एमसीडी से परेशान हैं. पिछले 15 साल में एमसीडी के भ्रष्टाचार, नाकामी और कुशासन की एक के बाद एक गाथाएं देखी हैं. इसलिए दिल्ली की जनता ने मन बना लिया है कि अप्रैल में जब निगम के चुनाव आएंगे तो भाजपा को एमसीडी से निकाल कर बाहर करना है.

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