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वाशिंगटन, 25 नवंबर . व्हाइट हाउस ने एच-1बी वीजा पर डोनाल्ड ट्रंप की सोच का बचाव करते हुए कहा कि इस मामले पर President का नजरिया संतुलित और सामान्य समझ पर आधारित है.
पत्रकारों से बातचीत में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप विदेशी कामगारों को केवल शुरुआती समय में आने देंगे, ताकि बड़ी कंपनियां जब अमेरिका में नए कारखाने लगाएं, तो काम शुरू हो सके. लेकिन आगे चलकर उन जगहों पर अमेरिकी कामगार ही रखे जाएंगे.
उन्होंने कहा कि कई लोग President की सोच को ठीक से समझ नहीं पाए हैं. ट्रंप ने विदेशी कंपनियों से साफ कहा है कि अगर वे अमेरिका में निवेश कर रही हैं, तो उन्हें अमेरिकी लोगों को ही नौकरी देनी होगी.
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने लीगल इमिग्रेशन का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह टेक से जुड़ी इंडस्ट्रीज में अमेरिकी वर्कर्स को ट्रेनिंग देने के लिए विदेश से “हजारों लोगों” का स्वागत करेंगे.
ट्रंप ने उदाहरण देते हुए कहा था कि अरबों डॉलर खर्च करके एरिजोना में बड़ा कंप्यूटर चिप कारखाना खोलने वाली कंपनियां बेरोजगारों की लाइन से लोगों को उठाकर ऐसे कारखाने नहीं चला सकतीं. उन्हें शुरुआत में हज़ारों विशेषज्ञ लाने पड़ेंगे और वे इसका स्वागत करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि विदेशी वर्कफोर्स हमारे लोगों को “कंप्यूटर चिप्स और दूसरी चीज़ें” बनाना सिखाएगी.
ट्रंप ने माना कि इस सोच के कारण उन्हें अपने समर्थकों की कुछ आलोचना झेलनी पड़ सकती है. वहीं, ट्रंप के बयानों के बाद देश में कड़ा विवाद शुरू हो गया है और कई रिपब्लिकन नेता एच-1बी वीजा कार्यक्रम खत्म करने की मांग कर रहे हैं. नई एच-1बी नीति का कई सांसदों ने विरोध किया है और इस पर मुकदमे भी दाखिल हुए हैं.
इससे पहले व्हाइट हाउस ने को बताया था कि नए एच-1बी वीजा आवेदन पर 100,000 डॉलर शुल्क प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा था कि President ट्रंप ने आव्रजन कानूनों को सख्त बनाने और अमेरिकी कामगारों को प्राथमिकता देने के लिए जितना किया है, उतना आधुनिक समय में किसी और President ने नहीं किया.
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एएस/