Friday , 16 April 2021

कृषि मंत्री ने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि जल्द टूटेगी झूठ की दीवार


ऐसा लंबे समय तक नहीं चलेगा, प्रदर्शनकारी किसानों को जल्द सच्चाई का अहसास होगा

नई दिल्ली (New Delhi) . कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के बीच सुनियोजित तरीके से झूठ की दीवार’ खड़ी की गई है, लेकिन ऐसा लंबे समय तक नहीं चलेगा है और प्रदर्शनकारी किसानों को जल्द सच्चाई का अहसास होगा. मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि गतिरोध का जल्द समाधान ढूंढ लिया जाएगा.

अभी तक केंद्र और किसान संगठनों के बीच पांच दौर की औपचारिक वार्ता हुई है जो बेनतीजा रही है. केंद्र द्वारा गतिरोध को समाप्त करने के लिए वार्ता बहाल करने के लगातार आग्रह के बाद किसान संगठनों ने बातचीत के लिए 29 दिसंबर का समय दिया है. सरकार ने जवाब में किसान संगठनों को पत्र लिखकर वार्ता के लिए 30 दिसंबर को आमंत्रित किया है. तोमर ने कहा, जल्द ही कुछ रास्ता निकलेगा और हम समाधान तक पहुंचेंगे.

हर कोई जानता है कि झूठ की दीवार कभी मजबूत नहीं होती. सच्चाई सच्चाई होती है. समय आएगा जब लोग सच्चाई स्वीकार करना शुरू करें. मंत्री ने निराशा जाहिर कि कुछ लोगों ने आंदोलनकारी किसानों के दिलों में सुनियोजित तरीके से गलतफहमी पैदा कर दी है. बहरहाल, सरकार इस तरह के किसान संगठनों के साथ लगातार वार्ता कर रही है. उन्होंने कहा कि नये कृषि कानूनों के लाभ किसानों तक पहुंचने शुरू हो गए हैं. कई किसान इन कानूनों के बारे में ‘‘सकारात्मक सोचने’’ लगे हैं लेकिन किसानों के कुछ धड़े में ‘‘भ्रम’’ बना हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हम इन चिंताओं को दूर करने में सफल होंगे.’’ तोमर ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक ढांचे के तहत वार्ता के लिए हमेशा तैयार है और तैयार रहेगी. सरकार का मानना है कि मुद्दों के समाधान के लिए वार्ता ही एकमात्र हथियार है. उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर जोर दे रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि 1990 में आर्थिक उदारीकरण के बाद से कृषि क्षेत्र में सुधार की चर्चा चल रही थी. मंत्री ने कहा कि कई समितियों का गठन हुआ और देश भर में विचार-विमर्श हुआ.

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