कश्मीर में फिर मंडराया ’90’ वाला आतंकी साया – Daily Kiran
Saturday , 4 December 2021

कश्मीर में फिर मंडराया ’90’ वाला आतंकी साया

जम्मू (Jammu) . जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद अब आतंकियों की बौखलाहट खुलकर सामने आने लगी है. आतंकवादी अब आम नागरिकों को निशाना बनाकर घाटी में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में गुरुवार (Thursday) को आतंकियों द्वारा दो शिक्षकों कीहत्या (Murder) के बाद घाटी में पिछले पांच दिनों में मारे गए आम नागरिकों की संख्या सात पहुंच गई है. आतंकी ज्यादातर घाटी के हिन्दुओं और गैर मुस्लिमों को निशाना बना रहे हैं. इनमें से छह कीहत्या (Murder) शहर में हुई है. इनमें चार अल्पसंख्यक समुदाय से थे. इस तरह से देखा जाए तो एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर को 90 के दशक में लौटाने की साजिश हो रही है. कश्मीर में आम नागरिकों को लक्ष्य बनाकर की जा रहीहत्या (Murder) को आतंकियों की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. जानकार इसे अभी 90 के दशक जैसी स्थिति बनाने की कोशिश से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि, आतंकी गुटों की कमजोर स्थिति के मद्देनजर सुरक्षा बल इस संभावना से इनकार कर रहे हैं. ताजा घटनाओं को आतंकी गुटों के शीर्ष नेतृत्व के खात्मे की वजह से बौखलाहट और घाटी में जनसांख्यिकीय बदलाव की आशंका के मद्देनजर आम नागरिकों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश और तालिबान के कब्जे के बाद उभरते कट्टरपंथ से जोड़कर देखा जा रहा है. कश्मीर में आतंकियों द्वारा नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (Thursday) को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है. बैठक में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और संभावित खतरों को लेकर चर्चा की गई. पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिश और अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बाद पैदा हुए नए खतरों पर भी एजेंसियों ने अपने इनपुट साझा किए हैं. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, गृह सचिव अजय भल्ला और इंटेलीजेंस ब्यूरो के प्रमुख अरविंद कुमार के अलावा सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारी, डीजी सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) कुलदीप सिंह, डीजी बीएसएफ पंकज सिंह उपस्थित थे. सुरक्षा के मुद्दे पर हुई यह बैठक करीब दो घंटे 45 मिनट चली. बैठक में लक्षितहत्या (Murder) ओं पर विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर आतंकियों और कट्टरपंथी गुटों के जाल तोड़ने के लिए एजेंसियां अपना अभियान तेज करेंगी. जम्मू-कश्मीर में शिक्षकों कीहत्या (Murder) की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के पुलिस (Police) महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा कि कश्मीर में नागरिकों, खासकर अल्पसंख्यकों की लक्षितहत्या (Murder) का मकसद भय का माहौल बनाना और सदियों पुराने सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाना है. सिंह ने स्कूल में संवाददाताओं से कहा, यह दरिंदगी, वहशत और दहशत का मेल है. इस स्कूल का परिसर काफी फैला हुआ है और बड़े मैदान तथा तीन मंजिला इमारतें हैं, लेकिन कोई सीसीटीवी नहीं है. सिंह ने कहा कि जो लोग मानवता, भाइचारे और स्थानीय मूल्यों को निशाना बना रहे हैं, वे जल्द ही बेनकाब होंगे. उन्होंने हालिया हमलों को कश्मीर के मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए आरोप लगाया कि आतंकवादी पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे हैं, ताकि घाटी में शांति बहाली में बाधा डाली जा सके. श्रीनगर (Srinagar) की सिख सुपिंदर कौर और जम्मू (Jammu) के हिंदू दीपक चंद कीहत्या (Murder) के दो दिन पहले लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित समूह ‘द रेसिस्टेंस फोर्स’ ने मंगलवार (Tuesday) को तीन लोगों की मौत की जिम्मेदारी ली थी. पुलिस (Police) महानिदेशक (डीजीपी) सिंह ने कहा, पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं नृशंस हैं. ऐसे ारी ली थी. पुलिस (Police) महानिदेशक (डीजीपी) सिंह ने कहा, पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं नृशंस हैं. ऐसे निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो समाज के लिए काम कर रहे हैं और जिनका किसी से भी कोई लेना-देना नहीं है. यह कश्मीर में डर का वातावरण पैदा करने और सांप्रदायिक रंग देकर यहां के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश है.

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