Wednesday , 2 December 2020

खाली बैठे रहते हैं शिक्षक, स्कूलों में कम पहुंच रहे विद्यार्थी


जबलपुर (Jabalpur) . स्कूल खुले डेढ़ माह का समय बीत जाने के बावजूद शासकीय, अशासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या नाम मात्र की है, शालाओं में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण शिक्षकों को दिनभर खाली बैठना पड़ रहा है. गत 15 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिये स्कूल खोल दिये गये हैं. इसके बावजूद शालाओं में महज 5 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति है, 9वीं से 12वीं तक की क्लास लगाने का मकसद बच्चों को स्कूल बुला कर उनके डाउट क्लीयर करना है, जब बच्चे शाला पहुंच कर अपने डाउट क्लीयर करना चाहते हैं, तो टीचर आराम फरमाते मिलते हैं, जब बच्चे फोन पर टीचर से कोई सवाल पूछते हैं तो वे यह कहकर किनारा कर लेते हैं कि इंटरनेट पर हर सवाल का जबाव मौजूद हैं.

20 प्रतिशत शिक्षकों के पास एण्ड्रायड फोन

जिले में महज 20 प्रतिशत शिक्षकों के पास ही एण्ड्रायड फोन हैं, हालांकि अधिकारियों ने उन्हें एण्ड्रायड फोन खरीदने बोला है पर उन्हें एण्ड्रायड फोन चलाते नहीं बनता जिसके कारण शिक्षक इसे नहीं खरीदते मेडीकल शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गोलबाजार हाईस्कूल व रानी दुर्गावती कन्या शाला के प्राचार्यों का कहना है कि हमारे यहां शिक्षकों से एण्ड्रायड फोन चलाते नहीं बनता. जिसके कारण वे बच्चों को यूट्यूब की मदद लेने की सलाह देते हैं.