
कोलकाता, 4 अप्रैल . भाजपा नेता तपस रॉय ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी Government पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोग सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करने पर आमादा हो जाते हैं. उन मुद्दों का भी मुद्दा बनाने के लिए आतुर हो जाते हैं, जिनका असल मुद्दों से कोई लेना देना नहीं है. यह लोग अपनी सहूलियत के हिसाब से राज्य की राजनीति को नया आकार देना चाहते हैं. अब इस तरह को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने Saturday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि आज की तारीख में पश्चिम बंगाल की जनता इस बात से भलीभांति वाकिफ है कि किस तरह से ये लोग राज्य में अपने हिसाब से पूरी स्थिति को अनुकूल करने की कोशिश कर रहे हैं. मौजूदा समय में राज्य की जनता टीएमसी की मानसिक मनोदशा से पूरी तरह से वाकिफ हो चुकी है. ऐसी स्थिति में शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि अब इन लोगों की दाल किसी भी कीमत में गलने वाली नहीं है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में टीएमसी को यह समझना होगा कि हम लोगों ने इतना लंबा सफर ऐसे तय नहीं किया है. यहां तक पहुंचने के लिए हमने लंबा संग्राम किया है. जिसे निश्चित तौर पर रेखांकित किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि आखिर क्यों मौजूदा सयम में फॉर्म 6 को स्वीकार नहीं किया जा रहा है. फॉर्म 8 को टीएमसी के लोग जला दे रहे हैं. ऐसा करके ये लोग इसकी गंभीरता पर कुठाराघात कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के लिए काम करने वाले बीएलओ 2 और बीएलओ 3 के लोगों ने पश्चिम बंगाल के मूल निवासियों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया है. हमें यह समझना होगा कि आखिर ऐसा क्यों किया गया है. इसके अलावा, हमारे जेहन में एक सवाल यह भी है आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है. इसका जवाब भी हमें तलाशना होगा.
उन्होंने कहा कि हम इस बात को काफी पहले से कहते हुए आ रहे हैं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में एक भी पात्र मतदाता का नहीं हटना चाहिए. अगर ऐसा हुआ, तो फिर मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि प्रदेश में एक प्रकार से अलग तरह की स्थिति पैदा हो सकती है. लिहाजा हमें इन सभी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
भाजपा नेता ने कहा कि हमें इस बात का भी ध्यान रखा होगा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में किसी एक व्यक्ति का नाम कई जगहों पर दर्ज नहीं होना चाहिए. आखिर एसआईआर का मुख्य मकसद यही है कि मतदाता सूची में सिर्फ पात्र मतदाताओं का ही नाम दर्ज हो. हमारी कोशिश यही होनी चाहिए कि इसके निर्धारित उद्देश्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए.
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वीसी