
चेन्नई, 13 फरवरी . तमिलनाडु की राजनीति में महिला अधिकार और आर्थिक सहायता को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. Chief Minister एम. के. स्टालिन ने राज्य की महिलाओं से बड़ा वादा करते हुए कहा कि उनकी Government अधिकारों के बंटवारे से पीछे नहीं हटेगी, चाहे कोई भी रुकावट क्यों न डाले.
Chief Minister ने घोषणा की कि फरवरी, मार्च और अप्रैल महीनों के लिए अग्रिम तौर पर 3,000 रुपए और गर्मियों के विशेष बंटवारे के तहत 2,000 रुपए दिए जा रहे हैं. इस तरह कुल 5,000 रुपए की राशि Friday को 1.31 करोड़ रुपए की राशि कलैगनार महिला अधिकार योजना की लाभार्थी महिलाओं के खातों में जमा कर दी गई है.
उन्होंने भरोसा जताया कि तमिल महिलाओं के समर्थन से उनकी Government दोबारा सत्ता में लौटेगी. साथ ही उन्होंने “द्रविड़ मॉडल 2.0” के तहत 1,000 रुपए की सहायता राशि बढ़ाकर 2,000 रुपए करने का वादा भी किया. स्टालिन ने इसे अपनी “बहनों से किया गया व्यक्तिगत वादा” बताया.
उन्होंने कहा कि चुनाव का बहाना बनाकर तीन महीनों के लिए अधिकारों के बंटवारे को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी द्रविड़ मॉडल Government अपने वादे पर कायम है.
वहीं, भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने Chief Minister के दावों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि केंद्र Government इस योजना को रोकने की कोशिश कर रही है.
तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि डीएमके Government चुनाव को ध्यान में रखकर योजनाओं की घोषणा करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की घोषणा के बाद दो साल तक राशि नहीं दी गई और अब चुनाव से पहले एक साथ भुगतान किया जा रहा है.
सौंदराजन ने राज्य Government की शराब नीति और टीएएसएमएसी से होने वाली आय पर भी निशाना साधा. उनका दावा है कि Government को शराब बिक्री से भारी राजस्व मिलता है, जबकि परिवारों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है.
उन्होंने केंद्र Government की मुद्रा योजना और डिजिटल इंडिया पहल का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं अधिक प्रभावी हैं.
उन्होंने कहा कि सभी महिला उद्यमी और बिजनेस ओनर बनाने के लिए ही Prime Minister Narendra Modi मुद्रा स्कीम लाए, जिससे तमिलनाडु में करीब एक करोड़ लोगों को फायदा हुआ है. इतना ही नहीं, सड़क किनारे सामान बेचने वालों, खासकर महिलाओं को तुरंत लोन दिया जाता है ताकि वे अपना बिजनेस तुरंत बढ़ा सकें.
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एसएके/एएस