Sunday , 11 April 2021

सुखबीर सिंह बादल ने कहा, केंद्र अहंकार त्याग कर तीनों कृषि कानून को रद्द करे

फिरोजपुर . शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सरदार सुखबीर सिंह बादल ने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक बात है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार (Central Government)अपने अड़ियन रवैये पर कायम है और किसानों की मांग अनुसार तीनों विवादित कृषि कानून रद्द करने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार (Central Government)को अहंकार त्याग कर तीनों विवाद ग्रस्त कृषि कानून को रद्द करना चाहिए. नगर परिषद के चुनाव के मद्देनज़र फिरोजपुर के ग्रामीण क्षेत्र में पड़ने वाले तलवंडी भाई, ममदोट और मुदकी का दौरा करने बाद सुखबीर सिंह बादल पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे.

बादल ने कहा कि देश भर के किसान इन काले क़ानूनों को रद्द करवाने के लिए एकजुट हैं क्योंकि यह किसानों का भविष्य पूरी तरह से तबाह कर देंगे. उन्होंने कहा कि सारी दुनिया देख रही है कि देश के किसान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर शांतिपूर्ण ढंग के साथ रोष प्रदर्शन कर रहे हैं. उन क़ानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जिनके बारे में केंद्र का दावा है कि यह किसानों के लिए लाभदायक है. वहीं किसान कह रहे हैं कि उन्होंने तो यह कानून बनाने की मांग ही नहीं की थी. अकाली दल के प्रधान ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रधान सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा खिलाफ झूठा केस दर्ज करने की भी निंदा की और कहा कि जो कोई भी किसानों की हिमायत कर रहा है, केंद्र सरकार (Central Government)उनके प्रति बदले की भावना से राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि सिरसा किसानों के लिए पहले दिन से लंगर की व्यवस्था कर रहे हैं. वह इस संकट की घड़ी में किसानों के साथ डटे हुए हैं और यही कारण है कि उनको झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है.

बादल ने पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) कैप्टन अमरिंदर सिंह को सलाह दी है कि वह अपनी की हुई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाएं. उन्होंने कहा कि पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने आज तक अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया और घोषणाओं को कभी अमलीजामा नहीं पहनाया है. उन्होंने कहा कि घोषणा करना अलग बात है, लेकिन उनको अमल में लाना अलग बात है. उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के समय लोगों ने अमरिंदर सिंह को घोषणाएं करते देखा है परन्तु इन्हें पूरा करते नहीं देखा है.

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