Wednesday , 20 January 2021

MPUAT में जल ग्रहण आयोजना एवं प्रबंधन पर व्यवसायिक पाठ्यक्रम की शुरुआत

उदयपुर (Udaipur). महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के मृदा एवं जल अभियांत्रिकी विभाग ने युवाओं में व्यापक व्यवसायिक दृष्टिकोण प्रदान करने एवं दक्षता विकसित करने के लिए जलग्रहण  आयोजना एवं प्रबंधन पर दिनांक 1 सितंबर 2020 को एक माह का व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है.  कार्यक्रम का ऑनलाइन   शुभारंभ करते हुए एमपीयूएटी के माननीय कुलपति डॉ नरेंद्र सिंह राठौड ने बताया कि वर्तमान परिपेक्ष में जल का संरक्षण एवं उचित प्रबंधन आज की महती आवश्यकता है.

कृषि में जल की उत्पादकता बढ़ाने व  वर्षा जल तथा सतही जल को समन्वित रूप से प्रबंधन कर जल उपयोग  की दक्षता बढानी होगी. जल की गुणवत्ता को लेकर आज लोगों में काफी जागरूकता आई है तथा युवा इस पाठ्यक्रम से कौशल प्राप्त कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकते हैं तथा आत्म निर्भर भारत की ओर अपना कदम बढ़ा सकते हैं.  उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जल प्रबंधन तथा जल की गुणवत्ता परीक्षण के क्षेत्र में आगे आकर उद्यमिता विकसित करनी चाहिए.

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में संचार माध्यमों का उपयोग कर युवाओं को जल प्रबंधन के क्षेत्र में प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे भविष्य में वे स्वयं का उद्योग एवं व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं. प्रशिक्षण समंवयक डॉ पी के सिंह ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में राजस्थान (Rajasthan), गुजरात तथा मध्य प्रदेश के 22 युवा भाग ले रहे हैं तथा 1 महीने में इन्हें जल प्रबंधन एवं जल गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित सभी आयामों पर विस्तृत जानकारी देकर व्यावसायिक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा.  विभागाध्यक्ष डॉ महेश कोठारी ने पाठ्यक्रम के व्यापक दृष्टिकोण के बारे में बताया तथा धन्यवाद भी ज्ञापित किया.

Please share this news