Monday , 1 June 2020
पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में फंसे मजदूरों को एयरलिफ्ट कराने सोरेन ने लिखा अमित शाह को पत्र

पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में फंसे मजदूरों को एयरलिफ्ट कराने सोरेन ने लिखा अमित शाह को पत्र


रांची (Ranchi) . झारखण्ड के मुख्यमंत्री (Chief Minister) हेमंत सोरेन ने गृहमंत्री अमित शाह को ऐसे प्रवासी मजदूरों को एयरलिफ्ट कराने को लेकर पत्र लिखा है जो देश के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में फंसे हुए हैं और ट्रेन या बस से नहीं आ सकते हैं.

सोरेन ने पत्र में लिखा है कि जैसा कि हम लोग जानते हैं कि भारत सरकार (Government) के गृह मंत्रालय (Home Ministry) की ओर से कोरोना संकट के मद्देनजर पूर देश में 31 मई तक लॉकडाउन (Lockdown) है. लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से आर्थिक गतिविधियां रुक सी गई हैं. प्रवासी मजदूर घर लौट रहे हैं, और यहां इनके पास किसी तरह का कोई रोजगार नहीं है. झारखंड से काफी संख्या में प्रवासी मजदूर देश भर में अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं. वे झारखंड अपने घर आना चाहते हैं. मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि इस सभी दूसरे राज्यों में फंसे हुए मजदूरों और दूसरे लोगों को झारखंड वापस लाने की सुविधा दी जाए. आग्रह स्वीकार होने के बाद करीब 1.50 लाख प्रवासी मजदूर, स्टूडेंट और दूसरे लोग बसों या ट्रेनों से वापस आ सके हैं.

प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के दौरान यह जानकारी मिली है कि करीब 200 मजदूर लद्दाख और करीब 450 मजदूर नॉर्थ ईस्ट के पहाड़ी इलाकों में फंसे हुए हैं. फंसे हुए प्रवासी मजदूर लगातार झारखंड सरकार (Government) से फोन पर संपर्क कर रहे हैं और वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं. पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से बस या ट्रेनों से इन्हें वापस ला पाना बेहद मुश्किल है. इन्हें वापस लाने का सबसे बेहतर उपाय एयरलिफ्ट करना ही है. लेकिन ऐसा नहीं किया जा सकता है क्योंकि लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से हवाई जहाज के आवागमन पर पाबंदी है. इसका उल्लेख केंद्रीय गृह विभाग की अधिसूचना में स्पष्ट है. इन कठिनाईयों की वजह से मैं आपसे आग्रह करना हूं कि लेह-लद्दाख और नॉर्थ ईस्ट से मजदूरों को लाने के लिए एयरलिफ्ट कराकर राज्य तक पहुंचाने की अनुमति दी जाए.