मुंबई, 4 अप्रैल . हिन्दी सिनेमा के मशहूर अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया. बेटे कुणाल गोस्वामी ने बताया कि अभिनेता कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे.
कुणाल गोस्वामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि अभिनेता मनोज कुमार 2 से 3 सप्ताह से बीमार चल रहे थे. इलाज के लिए उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गुरुवार-शुक्रवार की रात 3:30 बजे अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली.
कुणाल गोस्वामी ने मनोज कुमार के सभी फैंस का शुक्रिया किया. उन्होंने कहा कि फैंस की दुआओं का असर है कि पिताजी का शांति से स्वर्गवास हुआ है. मैं सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं. उन्होंने बताया कि मुंबई में शनिवार को सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार की विधि की जाएगी. कुछ परिजनों का इंतजार किया जा रहा है.
मनोज कुमार के निधन पर पीएम मोदी सहित सिनेमा के दिग्गजों द्वारा संवेदना व्यक्त करने पर कुणाल गोस्वामी ने कहा कि मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहता हूं कि उन्होंने अपना प्रेम दिखाया है. मैं पिताजी के प्रति प्यार जताने के लिए सभी का आभार जताना चाहता हूं.
मनोज कुमार की फिल्मों के बारे में कुणाल गोस्वामी ने कहा कि पिताजी वास्तविक जीवन में सभी के साथ कनेक्ट थे. उन्होंने ‘उपकार’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘पूरब पश्चिम’ जैसी फिल्में दीं. यह फिल्में उस दौरान में भी प्रासंगिक थीं और आगे भी रहेंगी.
मनोज कुमार के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर है. फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इसे फिल्म के लिए बड़ी क्षति बताया तो गीतकार मनोज मुंतशिर ने अपने गीतों की प्रेरणा बताया. वहीं, निर्माता-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उनके जैसे देशभक्ति कलाकार मरा नहीं करते.
मनोज कुमार ने हिन्दी सिनेमा को ‘उपकार’, ‘पत्थर के सनम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘संन्यासी’ और ‘क्रांति’ जैसी सुपरहिट फिल्में दीं.
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डीकेएम/केआर