दमोह: घर की खुदाई के दौरान ब्रिटिश काल के चांदी के सिक्के मिले

दमोह, 24 मई . Madhya Pradesh के दमोह जिले के फुटेरा वार्ड इलाके में उस समय एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब एक मकान की नींव की खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में ब्रिटिश काल के चांदी के सिक्के मिले.

यह खुदाई आलोक सोनी के पुश्तैनी घर में हुई. आलोक सोनी एक Governmentी स्कूल के शिक्षक हैं, और उनका घर कोतवाली Police थाना क्षेत्र के तहत फुटेरा इलाके में है.

नींव के खंभों के लिए खुदाई करते समय, मजदूरों को चांदी के पुराने सिक्कों से भरा एक मिट्टी का घड़ा (हंडा) मिला.

पुरातत्व विभाग ने पुष्टि की है कि ये सिक्के 1815 से 1915 के बीच के ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के हैं. अधिकारियों के अनुसार, प्रशासन ने उस जगह से चांदी के 42 सिक्के जब्त किए. हालांकि, सिक्कों की बरामदगी को लेकर एक मजदूर द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई.

मजदूरों में से एक ने दावा किया कि खुदाई के दौरान सिक्कों की एक बड़ी मात्रा, जिसका वजन लगभग 30 से 35 किलोग्राम था, बरामद हुई थी.

पटेल नाम के इस मजदूर ने आरोप लगाया कि सिक्कों के मिलने के बाद हर मजदूर को 500 रुपए दिए गए और उन्हें वहां से चले जाने को कहा गया, और सिक्कों का एक बड़ा हिस्सा अधिकारियों को नहीं सौंपा गया.

आलोक सोनी ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि उस जगह से बरामद हर सिक्का तुरंत प्रशासन को सौंप दिया गया था.

उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए यह भी कहा कि हो सकता है कि कुछ मजदूरों ने खुद ही बरामद सिक्कों का कुछ हिस्सा छिपा लिया हो.

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार के नेतृत्व में एक Police टीम तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची.

उस जगह पर चल रहा निर्माण कार्य तुरंत रोक दिया गया, और पूरे इलाके को प्रशासनिक निगरानी में ले लिया गया.

Police ने एक मामला दर्ज कर लिया है और बरामद सिक्कों की सही संख्या का पता लगाने तथा यह निर्धारित करने के लिए कि क्या उनमें से कोई सिक्का छिपाया गया था, एक विस्तृत जांच शुरू कर दी है.

दबे हुए खजाने की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई, जिसके कारण दिन भर उस जगह के आसपास भारी भीड़ जमा रही.

स्थानीय लोग इस खोज के संभावित ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व के बारे में आपस में जोरदार चर्चा करते रहे.

Madhya Pradesh में ब्रिटिश काल के सिक्कों की खोज कोई असामान्य बात नहीं है. यह क्षेत्र विभिन्न कालों के ऐतिहासिक अवशेषों के लिए जाना जाता है, लेकिन यह विशेष मामला सिक्कों की बरामदगी को लेकर सामने आ रहे परस्पर विरोधी दावों के कारण चर्चा का विषय बन गया है.

पुरातत्व विभाग द्वारा जब्त किए गए सिक्कों की विस्तृत जांच किए जाने की उम्मीद है. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और उन्हें अफवाहें न फैलाने की चेतावनी दी है. चल रही जांच के नतीजे से यह तय होगा कि यह मामला महज एक इत्तेफाकन हुई खोज का है, या फिर इसमें कीमती पुरावशेषों को छिपाने की कोशिश की गई है.

इस घटना ने एक बार फिर भारतीय ‘खजाना खोज’ कानूनों के तहत ऐतिहासिक खोजों की सही ढंग से रिपोर्ट करने के महत्व को उजागर किया है.

डीकेएम/डीकेपी

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