Wednesday , 1 April 2020
सैफई में होली मिलन कार्यक्रम में मिले शिवपाल के घर वापसी के संकेत

सैफई में होली मिलन कार्यक्रम में मिले शिवपाल के घर वापसी के संकेत


लखनऊ (Lucknow) . समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर एकता की सुगबुगाहट होने लगी है. दरअसल शिवपाल यादव की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की याचिका सपा वापस ले रही है. इसके लिए सपा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिख दिया है. सपा के कदम से शिवपाल की घर वापसी की उम्मीद जगी हैं. मुलायम कुनबे में एकता का बीज सैफई के होली मिलन समारोह में दिखा था.

पैतृक गांव सैफई में अखिलेश व शिवपाल दोनों एक मंच पर थे. इस दौरान अखिलेश ने शिवपाल के पैर भी छुए थे. उसी समय से वापसी की संभावना दिखने लगी थी. लेकिन सपा द्वारा याचिका वापस लेने के कारण उम्मीदें ज्यादा है. याचिका वापस लेने के संबध में यूपी विधानसभा के एक बड़े अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया, जसवंत नगर विधानसभा से विधायक शिवपाल की याचिका वापस करने के संबध में नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का एक पत्र मिला है. फिलहाल अभी सचिवालय बंद है. कार्यालय खुलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा.”

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक राजीव श्रीवास्तव ने कहा, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सारे राजनीतिक प्रयोग कर लिए हैं. कांग्रेस, बसपा और आरएलडी के साथ गठबंधन करके देख चुके हैं. उन्हें वह सफलता नहीं मिली जो वह चाह रहे थे. उनके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है. अब उनके पास एक ही विकल्प है कि शिवपाल को वापस ले लें. जो संकेत मिल रहे वह यहीं है. हालांकि अभी चुनाव में काफी देर है, फिर भी इस आजमाने में कोई बुराई नहीं है. उन्होंने कहा, शिवपाल के आने से कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा आएगी. क्योंकि शिवपाल की कार्यकर्ताओं में गहरी पकड़ है.

पार्टी को मजबूती मिलेगी. परिणाम क्या होगा यह आने वाला समय बताएगा.” सपा के एक नेता ने बताया, मुलायम सिंह के बाद शिवपाल पार्टी के जड़ों तक समाहित हैं. उनके न रहने से पार्टी को काफी नुकसान हो रहा है. अगर वह पार्टी में आ जाते हैं, तो निश्चित तौर से पार्टी को मजबूती मिलेगी और एक बार फिर 2022 में सपा की सरकार (Government) भी बन सकती है.” सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने इस बारे में कहा कि सारे निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेने हैं और वही इस पर कुछ बता सकते हैं.