संभल, 7 मार्च . उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में तैनात सीओ अनुज चौधरी हाल ही में एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं. उन्होंने होली और रमजान का पहला जुमा (शुक्रवार) एक ही दिन होने पर टिप्पणी की, जिस पर मुस्लिम संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है.
ऑल इंडिया इमाम संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा, “सीओ साहब का बयान राजनीति से प्रेरित लग रहा है और उन्हें अपनी नौकरी छोड़कर राजनीति में उतर जाना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि अगर सीओ अनुज चौधरी को राजनीति करनी है, तो वह राजनीति में जा सकते हैं, लेकिन पुलिस अधिकारी के तौर पर उनका यह तरीका सही नहीं है. पुलिस अधिकारी को निष्पक्ष रहकर अपनी ड्यूटी निभानी चाहिए और किसी विशेष पार्टी के प्रवक्ता की तरह बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. पुलिस का पद एक जिम्मेदारी है और एक पुलिस अधिकारी को राजनीति से परे रहते हुए शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए.
मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि सीओ का बयान एक नेता के अंदाज में था, न कि एक पुलिस अधिकारी के तौर पर. एक पुलिस अधिकारी को होली और रमजान के दौरान शांति बनाए रखने का काम करना चाहिए, न कि यह तय करना कि जुमा कब और कैसे आता है. मेरा साफ तौर पर मानना है कि इस तरह के बयान एक पुलिस अधिकारी के लिए उचित नहीं हैं. इस तरह के बयान एक पुलिस वर्दी पहनने वाले के मुंह से शोभा नहीं देते.
संभल जिले के सीओ अनुज चौधरी ने कहा था, “जुमा साल में 52 बार आता है, जबकि होली साल में एक बार ही आती है. अगर मुस्लिम समुदाय के लोग यह मानते हैं कि होली के रंगों से उनका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा, तो वे उस दिन घर से बाहर न निकलें. अगर होली पर कोई उपद्रवी गलत कार्य करता हुआ पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. संभल में हम शांति-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे.”
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एकेएस/एकेजे