सपा को झटका, वरिष्ठ नेता नारद राय ने दिया इस्तीफा, भाजपा में शामिल होने की घोषणा

बलिया, 28 मई . लोकसभा चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नारद राय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की बात कही है.

बलिया में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए नारद राय ने कहा कि सपा में मेरी राजनीति खत्म की जा रही थी. एक दिन पहले अखिलेश यादव की सभा में मुझे अपमानित किया गया. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच से मेरा नाम न लेकर और जिले में किए गए मेरे कामों का जिक्र न कर मेरा अपमान किया. सपा नेताओं द्वारा उन्हें मनाने के पत्रकारों के सवाल पर नारद राय ने कहा कि अब बहुत विलंब हो चुका है. अगर समय रहते बलिया के लोकसभा उम्मीदवार व दूसरे नेताओं ने मुझसे बात की होती, तो शायद मैं पार्टी न छोड़ता.

गौरतलब है कि नारद राय बलिया से लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह सनातन पांडेय को टिकट दे दिया. इससे भी वह नाराज चल रहे थे. भाजपा ने यहां से नीरज शेखर को उम्मीदवार बनाया है.

नारद ने कहा कि मेरा अपमान होने के बाद भी सपा प्रत्याशी ने अफसोस जाहिर नहीं किया. मैंने बलिया में जनेश्वर मिश्र सेतु, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, लोहिया मार्केट, स्पोर्ट्स कालेज लाने का काम किया. लेकिन पार्टी के अध्यक्ष ने मेरेे कामों का जिक्र नहीं किया. ऐसे में अब इस पार्टी में बनेे रहना संभव नहीं है. उन्होंनेे कहा कि मैने अपने समर्थकों की सलाह पर पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है. पूर्व मंत्री ने कहा, मैं सपा का झंडा लगाकर भाजपा की मदद नहीं कर सकता, भाजपा का झंडा लगाकर भाजपा की मदद करूंगा. भाजपा में शामिल होने के सवाल पर नारद राय ने जय श्रीराम का नारा लगाया. उन्होंने कहा कि जय श्री राम का नारा लगाकर सपा में रहना संभव नहीं था.

नारद राय ने कहा कि समाजवादी पर्टी के जिला अध्यक्ष और विधायक संग्राम सिंह ने मेरे खिलाफ साजिश रची. राय ने कहा सपा छोडने का उन्हें बहुत दुख है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव को अपना राजनैतिक पिता बताते हुए कहा, जब बाप जिंदा नही रहता है, तो राजनीति और घर मे कोइ पूछने वाला नही मिलता है. कुछ दिनोें बाद अखिलेश को भी कोई पूछने वाला नही मिलेगा.

शोमवार शाम नारद राय ने वाराणसी स्थित होटल ताज में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान उनके साथ सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर भी मौजूद रहे.

इस मुलाकात का जिक्र नारद राय ने एक्स पर लिखा, “दुनिया में भारत का डंका बजाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के गृह मंत्री व राजनीति के चाणक्य अमित शाह के संकल्प के मुताबिक समाज के अंतिम पंक्ति में बसे गरीब को मजबूत करने वाली उनकी सोच और राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करूंगा. जय जय श्री राम.”

उल्लेखनीय है कि सपा नेे पिछले विधानसभा चुनाव में बलिया से नारद राय को टिकट दिया था, लेकिन वह भाजपा के दयाशंकर सिंह से हार गए थे. नारद बलिया के नगर विस सीट से वर्ष 2002 में चुनाव जीते थे. 2012 में भी वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और विजयी रहे. सरकार में उन्हें नगर विकास मंत्री भी बनाया गया.

2017 के चुनाव में पार्टी से अनबन होने के बाद वह बसपा में शामिल हो गए और बसपा से ही नगर के सीट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा. 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व वह बसपा छोड़ पुन: सपा में शामिल हो गए.

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