नागपुर, 5 अप्रैल . देशभर में रामनवमी को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है. महाराष्ट्र के नागपुर में 17 मार्च को भड़की हिंसा के बाद यहां पहला बड़ा हिंदू धार्मिक कार्यक्रम होने जा रहा है. पोद्दारेश्वर राम मंदिर की शोभायात्रा निकलने वाली है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.
पोद्दारेश्वर राम मंदिर से पिछले 58 साल से शोभायात्रा निकाली जा रही है. इसमें भव्य झांकियों के साथ पौराणिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विषयों का मिश्रण प्रदर्शित किया जाएगा.
नागपुर के पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने रामनवमी के जुलूस को लेकर की गई सुरक्षा व्यवस्था के बारे में कहा, “हर साल की तरह इस साल भी रामनवमी पर जुलूस निकालने की तैयारी है, जिसे देखते हुए अधिक संख्या में पुलिस का बंदोबस्त किया गया है. पूरे क्षेत्र में हमने पेट्रोलिंग की है, जहां से शोभायात्रा निकलने वाली है, उस रास्ते की पूरी चेकिंग की गई है. कई ऐसे इलाकों से भी शोभायात्रा निकलेगी, जहां पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग साथ रहते हैं, वहां पर हमने पीस कमिटी की मीटिंग की. शोभायात्रा के मद्देनजर करीब चार-पांच हजार लोगों की तैनाती की जाएगी.”
पोद्दारेश्वर राम मंदिर के पदाधिकारी शांति कुमार शर्मा ने कहा, “रामनवमी के दिन शोभायात्रा निकलने में किसी तरह के डर की बात नहीं है. शोभायात्रा में सभी धर्म और जाति के लोग सम्मिलित होते हैं. सभी लोग शोभायात्रा को अपना मानते हैं. सौहार्दपूर्ण तरीके से शोभायात्रा निकलेगी और सभी समाज के लोग इसमें होंगे और यात्रा का स्वागत करेंगे.”
उन्होंने बताया, “शोभायात्रा अपने पुराने रूट से ही जाएगी. रूट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुस्लिम समाज के लोग शोभायात्रा का स्वागत करेंगे. रास्ते में अलग-अलग जगह पर उनके चार से पांच स्टेज बने रहेंगे और वे इसका स्वागत करेंगे.”
उल्लेखनीय है कि पोद्दारेश्वर राम मंदिर की शोभायात्रा में महत्वपूर्ण राजनीतिक उपस्थिति देखने को मिलेगी. शोभायात्रा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित और कई विधायक तथा वरिष्ठ नेताओं जैसे गणमान्य लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. देवेंद्र फडणवीस के दोबारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद यहां पर बड़ा धार्मिक आयोजन होने वाला है.
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एससीएच/एकेजे