Wednesday , 16 June 2021

मुंशी मालू के सम्मान में हाईकोर्ट के सात जज पहुंच गए

जोधपुर (Jodhpur) . राजस्थान (Rajasthan)में 65 साल तक वकील के सहयोगी के रूप में काम किया मुंशी गुलाबचंद मालू ने. शुक्रवार (Friday) को बार एसोसिएशन ने उनका सम्मान किया तो राजस्थान (Rajasthan)हाईकोर्ट के सात जज खुद ही समारोह में चले आए. कारण- अब तक उनके साथ ऑफिस में काम करने वाले सात वकील सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) व हाई कोर्ट में जज बन चुके हैं, जबकि एक केंद्रीय विधि मंत्री बने और एक वर्तमान में राज्य के महाधिवक्ता हैं. इन सबने उनसे सीखा.

सम्मान के दौरान उनकी आंखें छलक आईं. अभिनंदन के वक्त हाई कोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस संगीतराज लोढ़ा बोले- ‘जब मैंने वरिष्ठ वकील मरुधर मृदुल का ऑफिस ज्वाइन किया तो मुंशी मालू से खूब काम सीखा, वे एक तरह से मेरे प्रथम गुरु रहे. उनकी खासियत है कि उन्हें ऑफिस की सभी फाइलें व मुकदमों और पेशी की तारीखें मुंहजुबानी याद रहती हैं. किसी भी फाइल का नंबर पूछने पर वे झट बता देते थे.

Ó जस्टिस लोढा ने मुंशी मालू को सम्मानित करते हुए कहा- ‘उस वक्त मालू साहब कहा करते थे कि मुंशी को फरियादी के पैसों का हिसाब-किताब रखना चाहिए. वे अपने पास हमेशा एक डायरी रखते थे, जिसमें वे फरियादी के पैसों का हिसाब, तारीख पेशी आदि नोट करके रखते थे. एडवोकेट क्लर्क विधिक संस्थान की आत्मा होते हैं. वकालत के शुरुआती दिनों में मुंशी ही वकीलों के प्रथम गुरु होते हैं.

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