
नई दिल्ली, 24 मई . अमेरिका में President डोनाल्ड ट्रंप पर बार-बार हो रहे हमले सीक्रेट सर्विस, एफबीआई और अन्य एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं. इन हमलों में सिर्फ President ट्रंप को ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी निशाना बनाया जा रहा है.
President डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने 2026 में अब तक हमले की चार साजिशों को नाकाम किया है. इनमें मार-ए-लागो रिसॉर्ट में घुसपैठ, व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी और कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान फायरिंग और अब 23 मई को एक बार फिर व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग की घटना शामिल है.
फरवरी 2026 में ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट की सुरक्षा में सेंध लगने की खबर सामने आई. अमेरिकी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, फ्लोरिडा में ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट की सिक्योरिटी में सेंध लगाने के बाद, नॉर्थ कैरोलिना के एक 21 साल के लड़के को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने गोली मारकर ढेर कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक शॉटगन और एक फ्यूल कैन लेकर आया था.
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने कहा कि वह मामले की जांच के लिए सभी जरूरी रिसोर्स लगा रहा है. मृतक आरोपी की पहचान कैमरून, नॉर्थ कैरोलिना के ऑस्टिन टकर मार्टिन के तौर पर हुई.
इसके बाद मई 2026 में एक व्यक्ति ने व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी को अंजाम देते हुए आतंक फैलाने की कोशिश की. यह घटना व्हाइट हाउस से कुछ दूरी पर 15वीं स्ट्रीट और इंडिपेंडेंस एवेन्यू के पास हुई. डिप्टी डायरेक्टर मैट क्विन के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 3:30 बजे हुई. सादे कपड़ों में तैनात सीक्रेट सर्विस के कर्मचारियों ने व्हाइट हाउस के बाहरी इलाके में गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जिसके पास हथियार होने का शक था. इसके बाद Policeकर्मियों को मौके पर बुलाया गया.
जब अधिकारियों ने उस व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश की, तो वह थोड़ी दूर भागा और फिर अचानक बंदूक निकालकर सुरक्षाकर्मियों की तरफ गोली चला दी. जवाब में सुरक्षाकर्मियों ने भी गोली चलाई, जिसमें वह व्यक्ति घायल हो गया. घायल संदिग्ध को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. इस गोलीबारी में एक नाबालिग राहगीर भी घायल हुआ.
इसके बाद President ट्रंप की सुरक्षा में सबसे बड़ी लापरवाही वाशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान सामने आई.
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान एक व्यक्ति ने सरेआम मंच पर मौजूद ट्रंप को निशाना बनाते हुए लोगों पर फायरिंग कर दी. घटना के दौरान अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप समेत अन्य अमेरिकी अधिकारी मौजूद थे. हालांकि, सभी को सुरक्षित वहां से निकाल लिया गया.
घटना के तुरंत बाद ही सुरक्षा कर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए हमलावर को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने संदिग्ध बंदूकधारी की पहचान कैलिफोर्निया के एक 30 साल के आदमी के तौर पर की है.
इतना ही नहीं अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप पर भी हमले की नाकाम कोशिश की गई. इस हमले को आतंकवादी साजिश कहा जा रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हमलावर को ईरान की एक शक्तिशाली सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से प्रशिक्षित किया गया था. यह आतंकवादी 2020 में बगदाद में हमले में मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था. अमेरिका ने जनवरी 2020 में जनरल कासिम सुलेमानी को बगदाद में मार गिराया था.
अब एक बार फिर 23 मई शनिवार शाम व्हाइट हाउस के पास एक व्यक्ति ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दहशत फैला दी. हमले के दौरान अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद थे.
यह घटना Saturday शाम करीब 6 बजे 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू एन डब्ल्यू के पास हुई, जो व्हाइट हाउस और आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग के करीब का इलाका है.
सीक्रेट सर्विस के चीफ ऑफ कम्युनिकेशंस एंथनी गुग्लिएल्मी ने बयान में कहा, “Saturday शाम करीब 6 बजे एक व्यक्ति ने 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू के पास अपने बैग से हथियार निकाला और फायरिंग शुरू कर दी.”
सीक्रेट सर्विस ने बताया कि उनके अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें हमलावर को गोली लगी. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
बयान में यह भी कहा गया कि गोलीबारी के दौरान एक आम नागरिक भी घायल हुआ. हालांकि, अधिकारियों को कोई चोट नहीं आई.
अभी तक अधिकारियों ने हमलावर की पहचान या हमले के पीछे की वजह नहीं बताई है. घायल राहगीर की हालत के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई.
सीक्रेट सर्विस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और बाद में और जानकारी साझा की जाएगी. एफबीआई, मेट्रोपॉलिटन Police विभाग और नेशनल गार्ड समेत कई एजेंसियां मौके पर पहुंचीं, जबकि व्हाइट हाउस के आसपास की सड़कों को कई घंटों तक बंद रखा गया.
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एवाई/एबीएम