Tuesday , 25 February 2020
लवर्स को प्यार का अच्छा सबक सिखाती है सारा-कार्तिक की ‘लव आजकल’

लवर्स को प्यार का अच्छा सबक सिखाती है सारा-कार्तिक की ‘लव आजकल’

मुंबई.फैंस की मोस्ट अवेटड फिल्म ‘लव आजकल’ 14 फरवरी को पर्दे पर रिलीज चुकी है. ये फिल्म फैंस के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि आज वैलेंटाइन डे है और ये दो प्यार करने वालों के लिए अच्छी साबित हो सकती है. बता दें सारा अली खान और कार्तिक आर्यन की स्टारर लव आजकल साल 2009 में आई इम्तियाज अली की फिल्म का सेंकेड इंस्टॉलमेंट है. इस फिल्म में दीपिका और सैफ अली खान नजर आए थे.जैसा कि आपको पहले से ही मालूम है कि ये सारा और कार्तिक की लव आजकल एक लव स्टोरी पर आधारित है. फिल्म में लव स्टोरी के साथ थोड़ी मस्ती और रोमांस देखने को मिलेगा.
कहानी की बात करें तो फिल्म में वीर (कार्तिक आर्यन) और जोइ (सारा अली खान) दोनों नई पीढ़ी के उभरते हुए सितारे हैं. दोनों पहली नजर में ही एक दूसरे को दिल दे बैठते हैं, पहली मुलाकात में ही दोनों को प्यार हो जाता है. फिल्म में वीर के लिए सिर्फ प्यार सब कुछ है उसकी जिंदगी में प्यार के बहुत मायने है, वहीं जोइ प्यार के साथ अपने करियर को भी लेकर आगे बढ़ना चाहती है. उसने अपनी मां को ये कहते हुए सुना है कि करियर सबसे जरूरी होता है, जिंदगी में सिर्फ आप अपना साथ देते हो और कोई नहीं. अपनी मां की इसी बात को गंभीरता से लेते हुए जोइ प्यार के करियर को लेकर चलती है, लेकिन सबसे पहले महत्वता करियर को देती है.
जोइ को इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को एक मुकाम पर ले जाना है और फिर किस रिलेशनशिप में पैर जमाना है, लेकिन कई बार जिंदगी में दो चीजों में से किसी एक को चुनना होता है वही होता है जोइ के साथ. वो ज्यादा तव्जो अपने करियर को देती है. वहीं इसके उल्ट कहानी है रघु (रणदीप) और लीना (आरुषि) की. रघु और लीना की प्रेम कहानी का जोई पर ऐसा प्रभाव पड़ता है कि वह वीर की अहमियत को समझने लगती है और उसके प्यार में पड़ जाती है, लेकिन इसके बाद जोई का करियर उसे कन्फ्यूजन और अनचाहे मोड़ पर ले जाता है. अब फिल्म में आगे क्या होता है ये देखने के लिए आपको खुद ही थिएटर जाना पड़ेगा.
एक्टिंग की बात करें तो फिल्म में सारा कार्तिक की एक्टिंग लाजवाब है. दोनो को खूब प्यार का रंग चढ़ा है. वहीं रणदीप हुड्डा और आरूषि शर्मा भी अपने किरदार में पूरी तरह से ढले हुए नजर आते हैं. साफ-साफ कहा जाए तो फिल्म के सभी किरदारों ने अच्छा काम किया है जो ऑडियंस को बांधे रखने में कामयाब है. फिल्म का डायरेक्शन भी कमाल का है. निर्देशक इम्तियाज अली फिल्म में रिश्तों में आने वाले जटिल मोड़ और प्यार को दर्शाने में कामयाब रहे हैं. फिल्म में इमोशनल ड्रामा काफी हाई है. फिल्म का स्क्रीनप्ले कमजोर है, लेकिन अमित रॉय की सिनेमटॉग्रफी काबिले तारीफ है. फिल्म के गाने दमदार हैं.