Friday , 14 May 2021

सैमसंग ने #PoweringDigitalIndia प्रतिबद्धता को किया और मजबूत; सैमसंग स्‍मार्ट स्‍कूल पहल के तहत 80 नए नवोदय स्‍कूलों में शुरू की सैमसंग स्‍मार्ट क्‍लासेस

 

सैमसंग इंडिया ने घोषणा की है कि वह वंचित समुदाय के छात्रों को डिजिटल शिक्षा प्रदान करने और युवा भारत की अगली पीढ़ी को सशक्‍त बनाने के माध्‍यम से अपने #PoweringDigitalIndia उद्देश्‍य को पूरा करने के लिए, अपने वैश्विक सैमसंग स्‍मार्ट स्‍कूल पहल के तहत 80 नए जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) स्‍कूलों में स्‍मार्ट क्‍लासेस शुरू कर रही है. इसके साथ, पूरे देश में 625 जेएनवी स्‍कूलों और 10 नवोदय लीडरशिप इंस्‍टीट्यूट्स की 835 कक्षाओं में सैमसंग द्वारा स्‍थापित स्‍मार्ट क्‍लासेस उपलब्‍ध होंगी, जो लगभग 5 लाख छात्रों को लाभांवित करेंगी.

 

नए स्‍मार्ट क्‍लासेस में से अधिकांश को अति दूरस्थ ग्रामीण जिलों जैसे जम्‍मू-कश्‍मीर के कुपवाड़ा, गुजरात (Gujarat) के दाहोद, छत्‍तीसगढ़ के सुकमा, पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दार्जीलिंग और असम के बक्‍सा में स्‍थापित किया गया है. ये नए जवाहर नवोदय विद्याल स्‍कूल 17 राज्‍यों में फैले हुए हैं.

जवाहर नवोदय विद्यालय स्‍कूलों का संचालन शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ग्रामीण भारत के प्रतिभाशाली बच्‍चों को आधुनिक शिक्षा उपलब्‍ध कराने के लिए किया जाता है. वर्तमान में देश में 661 जवाहर नवोदय विद्यालय
स्‍कूल हैं.

 

सैमसंग द्वारा, सैमसंग स्‍मार्ट स्‍कूल पहल के तहत, पहली सैमसंग स्‍मार्ट क्‍लास की स्‍थापना 2013 में नवोदय विद्यालय समिति के सहयोग से की गई थी और इस कार्यक्रम के माध्‍यम से अबत‍क देश में 4.3 लाख छात्र (student) लाभांवित हो चुके हैं. इसके अलावा नए स्‍मार्ट क्‍लास की स्‍थापना होने से अतिरिक्त 50,000 छात्रों को लाभ मिलेगा. यह कार्यक्रम शिक्षकों को प्रशिक्षित करने में अपना समर्थन जारी रखेगा. अब तक, 8,000 से अधिक शिक्षकों को जवाहर नवोदय विद्यालय स्‍कूलों में प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए इंटरैक्टिव तकनीक के उपयोग, पढ़ाई की गुणवत्‍ता में सुधार और क्षमता निर्माण पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है.

 

 

सैमसंग द्वारा स्‍थापित प्रत्‍येक स्‍मार्ट क्‍लास एक इंटरैक्टिव सैमसंग फ्लिप, सैमसंग टैबलेट्स, एक प्रिंटर, एक सर्वर, पावर बैकअप और डिजिटल शिक्षण सामग्री से सुसज्जित है.

 

विनायक गर्ग, आयुक्‍त, नवोदय विद्यालय समिति ने कहा, नवोदय विद्यालय समिति की सैमसंग के साथ एक बहुत मजबूत और परिणामदायी भागदारी रही है. सैमसंग स्‍मार्ट स्‍कूल परियोजना, जो 2013 से संचालित हो रही है, हमारे छात्रों और शिक्षकों को ऐसे समय में तकनीक का फायदा उठाने में सक्षम बनाती है, जब दुनिया डिजिटल हो रही है. जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र (student) देश में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों में से हैं, और इस कार्यक्रम के माध्‍यम से नवीनतम तकनीक तक उनकी पहुंच उनके लिए एक बहुत बड़ा लाभ है. मौजूदा समय में यह बहुत महत्‍वपूर्ण भी होगा.

 

पार्था घोष, वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सिटिजनशिप, सैमसंग इंडिया ने कहा, सैमसंग अपने सिटिजनशिप विजन कल के लिए साथ ! सशक्‍त समाज के हिस्‍से के रूप में पूरी दुनिया में युवाओं को बेहतर शिक्षा और सीखने के अवसरों के लिए पहुंच प्रदान करने में मदद करता है. सैमसंग स्‍मार्ट स्‍कूल पहल के तहत जवाहर नवोदय विद्यालय स्‍कूलों में 80 नए स्‍मार्ट क्‍लासेस को जोड़ना डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के हमारे लक्ष्‍य को और मजबूत करता है. सिटिजनशिप पहल भारत के डेवलपमेंट एजेंडा के साथ घनिष्‍ठता से जुड़ी हुई है और वंचित छात्रों के बीच व्‍यापक पहुंच और प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ भागीदारी में कार्यान्वित की जाती है.

 

सैमसंग अपने सिटिजनशिप पहलों के माध्‍यम से समुदायों के बीच सकारात्‍मक रूप से बदलाव लाने और लोगों के लिए एक बेहतर जीवन बनाने के लिए इनोवेशन की अपनी विरासत का भरपूर उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत में कंपनी की फ्लैगशिप सिटिजनशिप पहल सैमसंग स्‍मार्ट स्‍कूल का उद्देश्‍य ग्रामीण और शहरी भारत के बीच डिजिटल अंतर को कम करना और सभी पृष्‍ठभूमि के बच्‍चों को गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा के लिए समान अवसर प्रदान करना है.

 

सैमसंग स्‍मार्ट स्‍कूल की मदद से, छात्रों को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई आकर्षक तरीके से करवाई जाती है, जिससे उन्‍हें बेहतर तरीके से सीखने और अवधारणा में सुधार करने में मदद मिलती है. जवाहर नवोदय विद्यालय स्‍कूलों के शिक्षकों और स्‍कूल प्रिंसीपल्‍स ने प्रतिक्रिया दी है कि सैमसंग द्वारा स्‍थापित स्‍मार्ट क्‍लासेस ने स्‍मार्टबोर्ड, टैबलेट्स और प्रिंटर्स जैसी टेक्‍नोलॉजी के साथ छात्र (student) प्रतिभागिता, सहजता और आराम को बढ़ाया है.

 

इसके अलावा, शिक्षकों ने यह भी बताया कि छात्र (student) जटिल अवधारणाओं को अधिक आसानी से सीखते हैं और डिजिटल रूप से इंटरैक्टिव वातावरण शर्मीले या झिझकने वाले छात्रों को कक्षा में होने वाली चर्चाओं में बेहतर ढंग से भाग लेने के लिए प्रोत्‍साहित करता है.

 

 

 

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