एफसीआरए संशोधन विधेयक पर संसद में हंगामा, विपक्ष ने किया विरोध प्रदर्शन

New Delhi, 1 अप्रैल . संसद के मकर द्वार पर Wednesday को विपक्षी दलों के सांसदों ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं ने इस विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए Government पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया.

Samajwadi Party की सांसद डिंपल यादव ने Government पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संशोधन विधेयक Governmentी और गैर-Governmentी संस्थाओं को नियंत्रित करने का प्रयास है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government चाहती है कि सभी संस्थाएं उसके अनुसार काम करें, इसलिए इस तरह के बदलाव लाए जा रहे हैं.

वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है. उन्होंने कहा कि यह कानून अनुच्छेद 14, 19, 21 और 301(ए) के खिलाफ है और इसे मनमाना और दुर्भावनापूर्ण बताया. तिवारी ने इस विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया.

दूसरी ओर, Samajwadi Party सांसद आनंद भदौरिया ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि पर कहा, “लगातार जो वैश्विक चुनौतियां हैं, उस मोर्चे पर भाजपा विफल हो रही है. देश को महंगाई की आग में झोंक देने का काम कर रही है. इस वैश्विक समस्या से निपटने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है. सड़क से लेकर सदन तक Government केवल बयानबाजी कर रही है. आम जनता महंगाई से जूझने पर मजबूर है. पहले भी आपने एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई हैं और फिर बढ़ा दी हैं. आने वाले दिनों में और महंगाई बढ़ने जा रही है, जिससे आम जनमानस को त्रासदी झेलनी पड़ेगी लेकिन भाजपा मौज में रहेगी.”

गौरतलब है कि यह विधेयक 25 मार्च को Lok Sabha में पेश किया गया था. Government का कहना है कि इसका उद्देश्य विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है. साथ ही, इसके जरिए फंड के दुरुपयोग, विशेषकर जबरन धर्मांतरण और व्यक्तिगत लाभ के मामलों पर रोक लगाई जा सकेगी.

हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि यह कानून खास तौर पर अल्पसंख्यक संस्थाओं और गैर-Governmentी संगठनों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है. संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बहस की संभावना है.

एसएके/पीएम

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