1984 सिख दंगे पर कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं, लड़ाई जारी : आरपी सिंह

चंडीगढ़, 28 फरवरी . भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान 1984 के सिख विरोधी दंगों पर हाल ही में आए न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इस फैसले ने सिख समुदाय में एक उम्मीद की किरण जगा दी है, लेकिन वह पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं.

आर.पी. सिंह ने कहा कि यह सही है कि सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा हुई है, लेकिन हमें उम्मीद थी कि उन्हें मौत की सजा मिलेगी. हम सीबीआई से अपील कर चुके हैं कि वह इस मामले को आगे लेकर जाए. यह लड़ाई जारी रहेगी क्योंकि हमें न्यायपूर्ण फैसले की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह उन दोनों की वजह से ही संभव हो सका कि आज इस फैसले के रूप में सिख समुदाय को कुछ राहत मिली है. यह 40 साल की संघर्ष की लंबी यात्रा का परिणाम है.

इसके अलावा, सिंह ने हिमाचल प्रदेश सरकार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का रवैया हिंदू धर्म के प्रति नकारात्मक है. सरकार लगातार सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी करती रहती है और इस सरकार का रवैया हिंदू विरोधी है. इसके अलावा, हिमाचल सरकार मंदिरों से दान की राशि को जबरदस्ती अपने हित में उपयोग करना चाहती है. यह एक गंभीर मुद्दा है, और हम इस पर कानून के माध्यम से कार्रवाई की उम्मीद करते हैं.

सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मंदिरों की प्रशासनिक समितियों को इस मामले में गंभीरता से सोचना चाहिए और अगर स्थिति बिगड़ती है, तो वे अदालत का रुख कर सकती हैं.

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में मंदिरों और धार्मिक ट्रस्टों की धनराशि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार के इस निर्णय की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसमें मंदिरों और धार्मिक ट्रस्टों से धनराशि सरकारी खजाने में जमा करने को कहा गया है. यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं, जैसे कि ‘सुखाश्रय योजना’ और ‘सुख शिक्षा योजना’, चलाई जा सकें. ठाकुर ने सरकार के इस कदम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया है.

पीएसके/एकेजे